150 साल से ज्यादा पुरानी यादें फिर हुईं ताजा, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सजा 'स्टेशन महोत्सव'
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 'स्टेशन महोत्सव' आयोजित किया गया, जिसमें प्रदर्शनी, लघु फिल्म और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से इसके इतिहास और विकास यात्रा को दर्शाया गया।

पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन महोत्सव में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए दिल्ली मंडल के डीआरएम पुष्पेश रमण त्रिपाठी। जागरण
HighLights
पुरानी दिल्ली स्टेशन पर 'स्टेशन महोत्सव' का सफल आयोजन हुआ।
प्रदर्शनी, लघु फिल्म ने स्टेशन का इतिहास और विकास बताया।
सेवानिवृत्त कर्मियों को सम्मानित किया गया, विरासत पर जोर दिया।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी के महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन स्टेशन महोत्सव में लोगों को इसके इतिहास और विकास यात्रा की जानकारी दी गई। इसके स्टेशन परिसर में प्रदर्शनी लगाने के साथ ही लघु फिल्म दिखाई गई। कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस स्टेशन पर सेवा दे चुके सेवानिवृत्त कर्मियों को भी सम्मानित किया गया।
रेलवे देश के 103 एेतिहासिक रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन महोत्सव आयोजित कर रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें यात्रियों के साथ ही स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों एवं रेल कर्मी शामिल हुए।
देश के 10 बड़े स्टेशनों में नाम शामिल
1864 में छोटे से भवन के साथ शुरू हुए इस स्टेशन की गिनती आज देश के दस बड़े स्टेशनों में होती है। वर्तमान स्टेशन भवन को वर्ष 1903 में बनकर तैयार हुआ था। 1931 के बाद इसका विस्तार किया गया। यहां से रोजाना 250 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है और तीन लाख के करीब यात्री पहुंचते हैं।
महोत्सव के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्टेशन परिसर में रेलवे से संबंधित कलाकृतियों की बिक्री के लिए एक विशेष स्टाल भी लगाया गया। स्कूली बच्चों ने भी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। स्कूलों में आयोजित “स्टेशन महोत्सव” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को मंडल रेल प्रबंधक पुष्पेश रमण त्रिपाठी ने प्रमाण पत्र दिए।
भारतीय रेल की समृद्ध विरासत
उन्होंने कहा कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन केवल एक परिवहन केंद्र नहीं है, बल्कि यह भारतीय रेल की समृद्ध विरासत का जीवंत प्रतीक है। स्टेशन महोत्सव के माध्यम से हमारा उद्देश्य अपनी ऐतिहासिक विरासत, आधुनिक उपलब्धियों एवं यात्री-केंद्रित सेवाओं को आमजन के समक्ष प्रस्तुत करना है। इस प्रकार के आयोजन रेलवे और समाज के बीच संबंधों को और मजबूत करते हैं।
