दिल्ली वालों को जाम से मिलेगी बड़ी राहत, NHAI ने लिया 3 प्रमुख रास्तों को सिग्नल-फ्री बनाने का जिम्मा
दिल्ली सरकार के अनुरोध पर एनएचएआई ने दिल्ली के तीन व्यस्ततम कॉरिडोर - मथुरा रोड, टीकरी बॉर्डर मार्ग और एमजी रोड - को जाम मुक्त बनाने की जिम्मेदारी ली है।
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एनएचएआई ने दिल्ली के तीन व्यस्ततम कॉरिडोर को जाम मुक्त बनाने की जिम्मेदारी ली है। इमेज एआई
HighLights
एनएचएआई ने दिल्ली के तीन कॉरिडोर की जिम्मेदारी ली।
मथुरा रोड, टीकरी बॉर्डर, एमजी रोड होंगे जाम मुक्त।
यात्रियों को 30-40% यात्रा समय की बचत होगी।
वी के शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार द्वारा करीब एक साल पहले किए गए अनुरोध पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने तीन अव्यवस्थित कॉरिडोर को जाम मुक्त बनाने की जिम्मेदारी अपने हाथ ले ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने इन व्यस्ततम मार्गों के लिए व्यवहार्यता अध्ययन और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है।
इनमें इंडिया गेट से लेकर बदरपुर तक जाने वाला मथुरा रोड, पंजाबी बाग से पीरागढ़ी होते हुए हरियाणा बार्डर तक जाने वाला टीकरी बार्डर मार्ग और अंधेरिया मोड़ से गुरुग्राम बॉर्डर तक महराैली गुरुग्राम (एमजी रोड) मार्ग शामिल हैं।
इनके माध्यम से न केवल दिल्ली के लोगों को जाम से राहत मिलेगी बल्कि पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लोगों को भी लाभ मिलेगा। जिसमें इन मार्गों पर जाम दूर करने पर काम किया जाएगा।
इन परियोजनाओं पर काम होने पर दिल्ली से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ के बीच आवाजाही बेहद सुगम हो जाएगी।
परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाता है, तो यह न केवल यातायात की समस्या का समाधान करेगा, बल्कि राजधानी की अर्थव्यवस्था और जीवन स्तर को भी नई गति प्रदान करेगा।
आमतौर पर दिल्ली की आंतरिक सड़कों का रखरखाव पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जाता है, लेकिन इन मार्गों की जटिलता और राष्ट्रीय राजमार्गों से इनके जुड़ाव को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एनएचएआइ से हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।
ये तीन कारिडोर बदलेंगे दिल्ली की सूरत
- मथुरा रोड: इंडिया गेट से बदरपुर तक जाने वाले 15 किमी लंबा यह मार्ग दक्षिण दिल्ली को फरीदाबाद और आगरा से जोड़ता है। इस पर प्रमुख रूप से सात लालबत्तियां हैं। इंडिया गेट से शुरू होने पर 500 मीटर की दूरी पर पहली लालबत्ती है। इसके बाद निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, भाेगल, न्यू फ्रेंड्स कालोनी, जामिया कट, सीआरआरआइ और अपोलो अस्पताल प्रमुख लालबत्तियां शामिल हैं। इस मार्ग पर काफी जाम लगता है।
- रोहतक रोड: रोहतक रोड पंजाबी बाग से पीरागढ़ी होते हुए हरियाणा बार्डर तक जाता है। भारी वाहनों के दबाव और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण इस मार्ग के कई भागों में अक्सर जाम की स्थित रहती है। इस मार्ग की लंबाई करीब 17 किलोमीटर है। इस मार्ग पर छह लालबत्तियां हैं। जिसमें पीरागढ़ी, नांगलोई, मुंडका और टीकरी बार्डर प्रमुख लालबत्तियों में शामिल हैं।
- एमजी रोड: दिल्ली और गुरुग्राम के बीच चलने वाले लाखों पेशेवरों के लिए यह मार्ग लाइफलाइन है। इस मार्ग करीब 18 किलोमीटर लंबा है। इस मार्ग पर चार लालबत्तियां हैं। जिनमें सुल्तानपुर, घिटोरनी, अर्जनगढ़ और सिकंदरपुर प्रमुख हैं। मेहरौली से गुड़गांव के बीच का यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है।
आम जनता को क्या होगा लाभ?
इन कॉरिडोर के जाम मुक्त होने से यात्रियों के यात्रा समय में 30 से 40 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है। वाहनों के कम रुकने से ईंधन की खपत घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
इन परियोजनाओं का प्राथमिक उद्देश्य दिल्ली की आंतरिक सड़कों पर दबाव कम करना और वाहनों की औसत गति को बढ़ाना है। डीपीआर के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि इन सड़कों पर कहां फ्लाईओवर, अंडरपास या फुटओवर ब्रिज की आवश्यकता है। साथ ही, मौजूदा सड़क चौड़ीकरण और जंक्शन सुधार पर भी जोर दिया जाएगा।
-हर्ष मल्होत्रा, केंद्रीय राज्य मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय
इंडिया गेट से बदरपुर, अंधेरिया मोड़ से गुरुग्राम और पंजाबी बाग से टीकरी बार्डर यह तीनों मार्ग व्यस्त मार्गों में शामिल हैं। यह एक अच्छी शुरुआत है कि एनएचएआइ ने इन्हें अपने अंतर्गत ले लिया है। इनके सिग्नल फ्री होने से दिल्ली ही नहीं पड़ोसी राज्य हरियाणा के लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इन मार्गों पर यात्रा करने वाले लाखों लोग वर्षों से इस इंतजार में हैं कि इन मार्गों की लालबत्तियां कब हटेंगी।
-दिनेश कुमार, पूर्व प्रमुख अभियंता- लोक निर्माण विभाग
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