‘नया नोएडा’ के सेक्टर बसाने की तैयारी तेज, 80 गांवों में जमीन की मैपिंग शुरू; किसानों को क्या मिलेगा?
दादरी नोएडा गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र 'नया नोएडा' के विकास में तेजी आई है, जिसमें सेक्टर योजना के लिए गांवों की जमीन की मैपिंग शुरू हो गई है।

नया नोएडा के सेक्टर बसाने के लिए जमीन की मैपिंग शुरू। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
नया नोएडा विकास के लिए भूमि अधिग्रहण तेज।
361 किसानों ने आपसी सहमति से दी जमीन।
अवैध निर्माण रोकने को तीन नए सर्किल बने।
कुंदन तिवारी, नोएडा। दादरी नोएडा गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआईआर) के रूप में विकसित होने वाले ‘नया नोएडा’ को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। सेक्टरों की योजना बनाने के लिए गांवों की जमीन की मैपिंग शुरू कर दी गई है।
अब तक 361 किसान आपसी सहमति से जमीन देने को तैयार हो चुके हैं, जिन किसानों की सहमति नहीं बनी है, अधिकारी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर बातचीत करेंगे।
पहले चरण के लिए जमीन जुटाने पर जोर
जमीन अधिग्रहण के साथ ही नए शहर के सेक्टरों की योजना पर भी काम चल रहा है। मैपिंग के आधार पर चरणबद्ध विकास योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका तैयार किया जाएगा।
अधिकारियों का जोर पहले चरण के लिए जमीन जल्द उपलब्ध कराने पर है। तय समय सीमा को देखते हुए अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
अवैध निर्माण रोकने को बनाए तीन नए सर्किल
नए नोएडा क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण रोकने के लिए प्राधिकरण ने तीन नए सर्किल बनाए हैं। इन्हें सर्किल-11, 12 और 14 नाम दिया गया है।
सर्किल-11 की जिम्मेदारी महाप्रबंधक एसपी सिंह को सौंपी गई है। सर्किल-12 और 14 का काम महाप्रबंधक एके अरोड़ा संभाल रहे हैं।
किसानों को मिलेगा छह से सात प्रतिशत आबादी भूखंड
किसानों को जमीन देने के बदले मिलने वाले लाभ चरणों के अनुसार तय किए गए हैं। पहले और दूसरे चरण में जमीन देने वाले किसानों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की व्यवस्था के तहत मुआवजे के साथ 6 प्रतिशत आबादी भूखंड मिलेगा।
तीसरे और चौथे चरण में जमीन देने वाले किसानों को यमुना प्राधिकरण की व्यवस्था के अनुसार मुआवजे के साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड दिया जाएगा। ‘नया नोएडा’ का मास्टर प्लान करीब 20,911.29 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया गया है।
इसमें 80 गांवों की जमीन शामिल है। पहला चरण 2023-2027 में 3,165 हेक्टेयर, दूसरा चरण 2027-2032 में 3,798 हेक्टेयर, तीसरा चरण 2032-2037 में 5,908 हेक्टेयर और चौथा चरण 2037-2041 में 8,230 हेक्टेयर का होगा।
पहले चरण की समय सीमा को देखते हुए ‘नया नोएडा’ में जमीन अधिग्रहण और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। किसानों की सहमति, दस्तावेजों की जांच और मैपिंग के साथ परियोजना अगले चरण में पहुंच गई है।
-महिमा राजपूत, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण
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