नीट पेपर लीक: मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी की सीबीआई कस्टडी दो दिन बढ़ी, अन्य आरोपी भी हिरासत में
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत दो दिन बढ़ा दी गई है। सह-आरोपित मनीषा ...और पढ़ें
-1779749426763_m.webp)
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड प्रह्लाद विठ्ठलराव (पीवी) कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत दो दिन बढ़ी।
HighLights
पीवी कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत दो दिन बढ़ी।
मनीषा वाघमारे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत।
प्रो. मनीषा हवलदार छह दिन की सीबीआई हिरासत में।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशष न्यायाधीश की अदालत ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड प्रह्लाद विठ्ठलराव (पीवी) कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी है। वहीं, सह-आरोपित ब्यूटिशियन मनीषा वाघमारे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके अलावा पुणे की रहने वाली भौतिकी की प्रो. मनीषा संजय हवलदार को छह दिन की सीबीआइ हिरासत में भेज दिया।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने सोमवार को तीनों आरोपितों को अदालत में पेश किए जाने के बाद यह आदेश पारित किया। अदालत ने 16 मई को दोनों को पीवी कुलकर्णी और मनीषा संजय वाघमारे को 10 दिन की सीबीआइ रिमांड पर भेजा था, जिसकी अवधि समाप्त होने पर उन्हें फिर पेश किया गया था।
प्रो. मनीषा संजय हवलदार ने भौतिकी प्रश्नों को साझा किया
वहीं, सीबीआई ने प्रो. मनीषा संजय हवलदार की कस्टोडियल पूछताछ की मांग करते हुए दलील दी कि वह नीट-यूजी परीक्षा में ट्रांसलेटर के तौर पर कार्यरत थीं। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर उन भौतिकी प्रश्नों को साझा किया, जो अनुवाद के लिए उनके पास आए थे। एजेंसी का दावा है कि यही प्रश्न बाद में लीक नेटवर्क के जरिए बाहर पहुंचाए गए।
प्रो. पीवी कुलकर्णी एनटीए की ओर से नीट प्रक्रिया से जुड़े
सीबीआई के अनुसार, पुणे के रसायन विज्ञान के प्रो. पीवी कुलकर्णी एनटीए की ओर से नीट प्रक्रिया से जुड़े हुए थे और उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी। जांच एजेंसी का दावा है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को एकत्रित किया और पुणे स्थित अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लास भी चलाई।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किन लोगों तक पहुंचाया गया, इसके बदले कितनी रकम ली गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था। सीबीआई का दावा है कि आरोपितों से पूछताछ के दौरान इलेक्ट्रानिक डिवाइस, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
