चार बड़े केंद्रीय अस्पतालों में नर्सों का दो घंटे का कार्य बहिष्कार, एलएचएमसी प्रशासन के साथ वार्ता बेनतीजा
दिल्ली के चार बड़े केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में नर्सों ने आउटसोर्सिंग के विरोध में दो घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू ...और पढ़ें
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कलावती अस्पताल में दो घंटे का कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन।
HighLights
चार केंद्रीय अस्पतालों में नर्सों का कार्य बहिष्कार।
नर्सिंग पदों पर आउटसोर्सिंग का कड़ा विरोध।
प्रशासन से वार्ता विफल, प्रदर्शन रहेगा जारी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली के चार बड़े केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में सोमवार से नर्सों का सफदरगंज, आरएलएल, लेडी हार्डिंग और कलावती अस्पताल में दो घंटे का कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। नर्सिंग कर्मचारियों ने नर्सिंग पदों पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था लागू किए जाने की संभावना का विरोध करते हुए सरकार से इसे पूरी तरह रोकने की मांग की है। प्रदर्शन अखिल भारतीय सरकारी नर्सेज फेडरेशन के नेतृत्व में में किया गया।
फेडरेशन का आरोप है कि वर्ष 2016 से नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती में आउटसोर्सिंग को लेकर समय-समय पर विवाद होता रहा है। फेडरेशन के अनुसार 10 मार्च 2026 को शासन के अतिरिक्त सचिव स्तर से आश्वासन दिया गया था कि आउटसोर्सिंग नहीं की जाएगी पर, अब फिर से इसे लागू किए जाने की तैयारी हो रही है।
प्रशासन आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर अपने रुख पर कायम रहा
फेडरेशन अध्यक्ष रिंकी डंग ने बताया कि सोमवार को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की निदेशक ने इस मामले में बैठक बुलाई थी, लेकिन प्रशासन आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर अपने रुख पर कायम रहा, जिसके कारण वार्ता विफल हो गई। घोषणा की कि मांगें माने जाने तक प्रतिदिन सुबह दो घंटे का कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन जारी रहेगा।
संगठन समय-समय पर आंदोलन की समीक्षा करेगा
फेडरेशन महासचिव अनीता पंवार ने कहा कि संगठन समय-समय पर आंदोलन की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर प्रदर्शन को दूसरा स्वरूप भी दिया जा सकता है। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर स्पष्ट नीति घोषित करने की मांग की। कहाकि आउटसोर्सिंग को लेकर नर्सें एकजुट हैं और मांग पूरी होने तक अपने अधिकार की लड़ाई लड़ती रहेंगी।
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