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NDMC खोलेगी CEUT-DSSSB जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सरकारी CBT सेंटर, CCTV से होगी निगरानी

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:59 PM (IST)

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दिल्ली का पहला सरकारी सीबीटी केंद्र खोलने को मंजूरी दी ...और पढ़ें

प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के बाद हुए जेन-जी आंदोलन से सबक लेते हुए अब सरकारी सीबीटी केंद्र भी खुलेंगे।

प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के बाद हुए जेन-जी आंदोलन से सबक लेते हुए अब सरकारी सीबीटी केंद्र भी खुलेंगे। 

HighLights

  1. एनडीएमसी दिल्ली का पहला सरकारी सीबीटी केंद्र मोती बाग में।

  2. प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता हेतु सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी।

  3. सरोजिनी नगर में 50 बिस्तरों का आयुष अस्पताल स्थापित होगा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के बाद हुए जेन-जी आंदोलन से सबक लेते हुए अब सरकारी सीबीटी केंद्र भी खुलेंगे। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) दिल्ली के पहले पालिका आदर्श परीक्षा केंद्र को खोलकर इसकी शुरुआत करने जा रही है। सोमवार को हुई काउंसिल की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। जहां मोती बाग स्थित एनडीएमसी की इमारत में यह केंद्र खोला जाएगा।

वर्तमान में संचालित हो रहे निजी सीबीटी केंद्र

यहां पर कंप्यूटर आधारित प्रतियोगी परीक्षाएं हुआ करेगी। इसमें सीईयूटी, डीएसएसबी समेत अन्य सरकारी नियुक्ति के लिए परीक्षाएं शामिल हैं। दिल्ली में अभी तक सीबीटी केंद्र तो हैं लेकिन यह निजी हैं जिन्हें सरकार ने मान्यता दे रखी है प्रतियोगी परीक्षाएं कराने की। सरकार द्वारा बनाया गया और संचालित होने वाला यह पहला सीबीटी केंद्र होगा।

सीसीटीवी कैमरों से लैस होंगे केंद्र

काउंसिल की बैठक के बाद लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में किस प्रकार से पारदर्शिता बढ़े इसके लिए केंद्र सरकार ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है। इसी दिशा में हम यह सीबीटी केंद्र शुरू करेंगे। इसमें सबसे आधुनिक कंप्यूटर और अन्य संसाधन होंगे। साथ ही पूरा परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरों से युक्त होगा।

बिजली के खंभे लगाने की जरुरत

इसके अतिरिक्त चहल ने बताया कि ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियों के दौरान ध्यान में आया कि कई ऐसे स्थान हैं जहां पर पर्याप्त रौशनी की व्यवस्था नहीं है। इसमें पेड़ों की छंटाई की जरूरत हैं तो कहीं पर नए बिजली के खंभे लगाए जाने की जरुरत है।

इसके लिए काउंसिल ने तय किया है कि 18.26 करोड़ रुपये इसके लिए मंजूर किए जाए ताकि इससे जरूरत के हिसाब से जहां जहां डार्क स्पाॅट हैं वहां पर 6 से लेकर 11 मीटर ऊंचे स्ट्रीट लाइट के खंभे लगाए जाएंगे।

चहल ने बताया इसके साथ ही धोबी घाटों को बकाया बिलों पर जुर्माने को माफ किया जाएगा। साथ ही इन्हें अब व्यावसायिक उपभोक्ता की बजाय रिहायशी उपभोक्ता की तरह पानी का बिल लिया जाएगा।

सरोजिनी नगर में 50 बेड का आयुष अस्पताल

आयुष की बढ़ती मांग को देखते हुए एनडीएमसी अपना 50 बेड का आयुष अस्पताल स्थापित करेगी। यहां पर आयुष से संबंधी शोध भी होंगे। एनडीएमसी के अनुसार यह परियोजना आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय व एनडीएमसी की 50-50 साझेदारी से क्रियान्वित होगी।

इसमें 55 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है। फिलहाल, आयुष संबंधी इलाज के लिए एनडीएमसी के पास केवल एक पाॅलीक्लीनिक है। जहां पर मरीजों को भर्ती करने की सुविधा नहीं है। केवल ओपीडी तक सुविधा उपलब्ध है।

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