विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लुटियंस दिल्ली के व्यापारियों को संपत्तिकर राहत के लिए करना होगा इंतजार, जन विश्वास कानून से आकलन होगा सरल

Published: Thu, 17 Sep 2026 06:45 AM (IST)

एनडीएमसी क्षेत्र के व्यापारियों को संपत्तिकर में सुगमता और राहत के लिए लगभग छह महीने और इंतजार करना होगा। जन ...और पढ़ें

एनडीएमसी क्षेत्र के व्यापारियों को आसान संपत्तिकर प्रणाली के लिए करना होगा 6 महीने का इंतजार। (एआईल जेनरेटेड इमेज)

एनडीएमसी क्षेत्र के व्यापारियों को आसान संपत्तिकर प्रणाली के लिए करना होगा 6 महीने का इंतजार। (एआईल जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. संपत्तिकर में राहत के लिए एनडीएमसी व्यापारियों को छह माह इंतजार।

  2. जन विश्वास कानून से कर व्यवस्था सरल बनाने की उम्मीद।

  3. अंतरिम अवधि के कर भुगतान पर व्यापारियों में असमंजस।

नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। एनडीएमसी क्षेत्र के खान मार्केट, कनाट प्लेस, सरोजनी नगर और जनपथ जैसे प्रमुख बाजारों के व्यापारियों को व्यावहारिक व आसान संपत्तिकर व्यवस्था के लिए अभी लगभग छह महीने का इंतजार और करना पड़ेगा। जन विश्वास कानून के माध्यम से केंद्र सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने का मार्ग प्रशस्त तो कर दिया है, लेकिन नई दरों और आकलन के तरीके को अंतिम मंजूरी मिलने में समय लग रहा है।

एनडीएमसी क्षेत्र में वर्तमान संपत्तिकर की दरें एमसीडी से कहीं अधिक है। व्यापारियों का दावा है कि यह करीब 15 गुना अधिक हैं। व्यापारी इसे घटाकर एमसीडी के मुकाबले दोगुने तक सीमित करने और कर निर्धारण प्रक्रिया को दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं। यह मांग हाल ही में इसका मसौदा तैयार करने को लेकर हुई एनडीएमसी की बैठक में भी उठाया था।

हाल ही में सांसद बांसुरी स्वराज की अध्यक्षता में एनडीएमसी अध्यक्ष और व्यापारी प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। जिसमें खान मार्केट व सरोजनी नगर के व्यापारी प्रतिनिधि शामिल हुए थे। व्यापारी प्रतिनिधियों ने इस मांग को प्रमुखता से उठाया तथा जल्द नई संपत्तिकर आंकलन प्रणाली तथा शुल्क लागू करने की मांग की।

बैठक में शामिल एक व्यापारी प्रतिनिधि ने बताया कि जिसपर एनडीएमसी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था का मसौदा दिल्ली सरकार के कानून विभाग से स्वीकृत होकर केंद्रीय शहरी मामलों के मंत्रालय जल्द पहुंचने वाला है। वहां से सार्वजनिक सुझाव-आपत्ति की प्रक्रिया को पूरी करने के बाद गृह मंत्रालय की अंतिम मंजूरी में कम से कम छह माह लगेंगे।

अंतरिम अवधि को लेकर व्यापारियों में असमंजस

नई संपत्तिकर व्यवस्था के अगले वर्ष लागू होने की स्थिति में इस वर्ष कर भुगतान को लेकर व्यापारियों में असमंजस बढ़ गया है। व्यापारियों को लगता है कि एनडीएमसी अंतिम वक्त तक उनसे पुरानी व्यवस्था में अधिक कर वसूलना चाहती है। ऐसे में उन्होंने इस अंतरिम अवधि (ग्रे डेज) की असमंजसता को खत्म करने की मांग की है। उन्होंने एनडीएमसी से कहा है कि जब तक नई व्यवस्था लागू न हो, तब तक इस वर्ष के संपत्तिकर को स्थगित रखा जाए या किश्तों में लिया जाए, ताकि बाद में कर समायोजन या रिफंड का झंझट न रहे।

जन विश्वास कानून से बड़ी राहत की उम्मीद

केंद्र सरकार द्वारा जन विश्वास (प्रविधानों का संशोधन) कानून 2026 के जरिए व्यापार सुगमता को बढ़ावा देना, छोटे-मोटे व्यापारिक-प्रशासनिक अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और एनडीएमसी अधिनियम 1994 में संशोधन कर संपत्ति कर निर्धारण प्रणाली को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। जिसमें एनडीएमसी क्षेत्र के दुकानदारों को एमसीडी के मुकाबले 15 गुना अधिक लग रहे भारी-भरकम संपत्तिकर के बोझ से मुक्ति मिलेगी।

इसी तरह, कर आंकने के जटिल और पेचीदा फॉर्मूले को खत्म कर पारदर्शी यूनिट एरिया या व्यावहारिक दर प्रणाली से जोड़ा जाएगा। स्पष्ट नियमों से कर अधिकारियों की मनमानी और व्यापारियों व परिषद के बीच होने वाले वर्षों पुराने कानूनी विवाद खत्म होंगे। कनाट प्लेस, खान मार्केट, सरोजनी नगर और जनपथ जैसे प्रतिष्ठित बाजारों के व्यापारियों को बार-बार के प्रशासनिक चक्करों और दंड के डर से राहत मिलेगी।

यह भी पढ़ें- SIR के बाद दिल्ली में 47.5 लाख नाम हटे, नए वोटर बनने के लिए 15 दिन में आए सिर्फ 62 हजार आवेदन