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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rakesh Tikait को कॉल कर दी जान से मारने की धमकी, दिल्ली पुलिस में मचा हड़कंप; जानें- कौन है फोन करने वाला

By JP YadavEdited By:
Published: Sun, 07 Mar 2021 07:13 AM (IST)Updated: Sun, 07 Mar 2021 07:56 AM (IST)

Threat Call To Kill Rakesh Tikait किसान नेता राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी देने का मामला समने ...और पढ़ें

किसान नेता राकेश टिकैत की फाइल फोटो।
किसान नेता राकेश टिकैत की फाइल फोटो।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर चल रहा पंजाब और हरियाणा के किसानों का धरना प्रदर्शन 100 से अधिक हो चुका है। सिंघु के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर के अन्य बॉर्डर शाहजहांपुर, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भी हजारों की संख्या में किसान धरनारत हैं। इस बीच  किसान नेता राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी देने का मामला समने आया है। शराब के नशे में धुत्त चाय बेचने वाले ने पीसीआर को फोन कर धमकी दी थी। फोन करने वाले की पहचान पंकज त्यागी के रूप में हुई है। कमला मार्केट थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।

मध्य जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया की घटना शुक्रवार रात की है। कमला मार्केट इलाके से पीसीआर को किसी ने फोन कर राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी सूचना मिलने पर फोन लोकेशन के आधार पर पता लगा पुलिस शख्श के पास पहुची तो पता लगा कि आरोपित पंकज त्यागी शराब के नशे में धमकी दी थी। उसका किसी पार्टी से कोई संबंध नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।

उधर, किसान नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में चल रहा किसान आंदोलन फीका पड़ता नजर आ रहा है। गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसानों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है। कभी यहां पर टेंट ही टेंट नजर आते थे, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या तेजी से घट रही है।

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26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के नाम पर दिल्ली में हुए उपद्रव के बाद से ही यूपी गेट से प्रदर्शनकारियों ने पलायन शुरू कर दिया था। अब बढ़ती हुई गर्मी के कारण प्रदर्शनकारी यूपी गेट से पलायन कर रहे हैं और टेंट भी उजड़ने लगे हैं। इससे प्रतीत हो रहा है कि यूपी गेट के धरने का दम अब कम होता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की घटती हुई संख्या और अब उजड़ते हुए टेंटों के शहर को लेकर प्रदर्शनकारियों के नेता खासे परेशान हैं।

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नहीं रही पहले जैसी सुविधाएं

28 नवंबर को जब यूपी गेट पर प्रदर्शनकारियों का धरना शुरू हुआ तो किसानों का अपना चूल्हा जलने लगा, धरना स्थल पर शाही दस्तरखान सज गया और कपड़े धोने से लेकर स्त्री करने, नहाने के लिए गर्म पानी, हजामत समेत हर सुविधा धरने में मिलने लगी। ट्रैक्टरों की ऐसी कतार कि जहां तक नजर जाए वहां तक ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर दिखाई देते थे। अब यहां ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा।

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प्रदर्शनकारियों को रोकने का हो रहा प्रयास

प्रदर्शनकारियों के नेता लोगों को यूपी गेट धरना स्थल पर रोकने के लिए तमाम जतन कर रहे हैं। अब बढ़ती हुई गर्मी को देखते हुए यूपी गेट पर बड़ी संख्या में गर्मी से बचाव वाले टेंट तो लग रहे हैं लेकिन प्रदर्शनकारी पहले जैसी संख्या में नहीं पहुंच रहे हैं। लोगों को रोकने के लिए प्रदर्शनकारी मंच से लगातार अपील कर रहे हैं।

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