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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Elections : कांग्रेस से हाथ मिलाएंगे स्वामी प्रसाद मौर्य? पार्टी बनाते ही I.N.D.I.A पर कह दी बड़ी बात

Published: Fri, 23 Feb 2024 05:09 PM (IST)

Lok Sabha Elections स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी राजनीतिक पार्टी के एलान के बाद कहा कि देश में अराजकता का ...और पढ़ें

कांग्रेस के साथ हाथ मिलाएंगे स्वामी प्रसाद मौर्य
कांग्रेस के साथ हाथ मिलाएंगे स्वामी प्रसाद मौर्य

HighLights

  1. सपा से इस्तीफा देने के बाद बनाई अपनी पार्टी
  2. स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- जल्द खरगे मिलेंगे

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी से नाता तोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को तालकटोरा स्टे़डियम में अपनी नई राजनीतिक पार्टी, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (आरएसएसपी) की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का एकमात्र इरादा आईएनडीआई गठबंधन को मजबूत करना और बीजेपी को हराना है।

भाजपा को हराना अनिवार्य- स्वामी प्रसाद

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज देश में अराजकता का माहौल है, लोकतंत्र की हत्या हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों से वादा किया गया था कि आय दोगुनी कर दी जाएगी, उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। ईडी द्वारा व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। यह सुनिश्चित करना अनिवार्य हो गया है कि भाजपा को हराया जाए।

सपा के पूर्व नेता ने बनाई पार्टी

पूर्व सपा नेता ने कहा कि भाजपा को हराने लिए कोई बलिदान देंगे। बता दें कि 20 फरवरी को स्वामी प्रसाद ने सपा की प्राथमिक सदस्यता और उत्तर प्रदेश विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया और एक नई पार्टी के गठन की घोषणा की।

स्वामी प्रसाद ने कहा कि अगर मेरे परिवार से कोई भी भाजपा में शामिल होता है, तो उसे भी हार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आईएनडीआई गठबंधन के संयोजक हैं। सीट बंटवारे को लेकर मैं जल्द ही उनसे मिलूंगा।

बदायूं से सांसद हैं मौर्य की बेटी

दिलचस्प बात यह है कि मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य बदायूं से मौजूदा भाजपा सांसद हैं। सपा ने इस सीट से बदायूं के पूर्व सांसद और मुलायम के भतीजे धर्मेंद्र यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने अभी तक संघमित्रा की बदायूं से उम्मीदवारी की पुष्टि नहीं की है। बताते दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और मौर्य के बीच दरार तब और बढ़ गई जब सपा प्रमुख ने कहा कि वह (स्वामी प्रसाद मौर्य) फायदे के लिए सपा में आए हैं।

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