यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kozhikode Train Fire: केरल ट्रेन अग्निकांड में शाहीन बाग का शाहरुख शामिल, पिता को पूछताछ के लिए ले गई पुलिस
Kozhikode Train Fire केरल पुलिस की एक टीम बुधवार को दिल्ली के शाहीन बाग में केरल ट्रेन अग्निकांड के मुख्य ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एजेंसी। केरल पुलिस की एक टीम बुधवार को दिल्ली के शाहीन बाग में केरल ट्रेन अग्निकांड के मुख्य संदिग्ध शाहरुख सैफी के घर का दौरा करने पहुंची। खास बात है कि सैफी को मंगलवार को महाराष्ट्र के रत्नागिरी से पकड़ा गया था। सूत्रों के मुताबिक, शाहरुख सैफी को महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा चलाए गए एक संयुक्त अभियान में पकड़ा गया था।
अगर अपराध किया मिले सजा- पिता
वहीं कोझीकोड ट्रेन अग्निकांड के संदिग्ध आरोपित शाहरुख सैफी के पिता फखरुद्दीन ने कहा, "अगर उसने अपराध किया है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए।" दिल्ली के शाहीन बाग में शाहरुख सैफी के पिता को पूछताछ के लिए पुलिस लेकर गई है।

आरोपित के घर के बाहर मौजूद भीड़
पिता को लेकर कई पुलिस
शाहीन में शाहरुख के घर के बाहर भीड़ लगी हुई है। घर में केवल महिलाएं मौजूद हैं। वह भी वे रोजा की बात कहकर किसी भी सवालों के जवाब देने से मना कर रही हैं। दूसरी तरफ से शाहरुख सैफी के पिता को पुलिस पूछताछ के लिए लेकर गई है।
#WATCH | "If he has committed a crime, then he should be punished,"says Fakruddin, father of Shahrukh Saifi, the suspected accused in the Kozhikode train fire incident pic.twitter.com/vJddlKfS4M
— ANI (@ANI) April 5, 2023
संदिग्ध के चेहरे और सिर आई थीं चोटें
बता दें कि संदिग्ध को कथित तौर पर उसके चेहरे और सिर पर चोटें आई थीं और उसने रत्नागिरी के एक अस्पताल में चिकित्सा की मांग की थी। आगे की जांच करने के लिए केरल पुलिस की एक टीम रत्नागिरी में थी। इस हमले में एक बच्चे सहित तीन यात्रियों की मौत हो गई, जब वे आग से बचने के लिए चलती ट्रेन से कूद गए।
2 अप्रैल को ट्रेन में हुई थी आगजनी
गौरतलब है कि रविवार की रात यानी 2 अप्रैल को अलप्पुझा-कन्नूर एक्सप्रेस ट्रेन में रात करीब 9.45 बजे हुई आगजनी में नौ अन्य यात्री झुलस गए। एक संदिग्ध ने अपने सहयात्रियों पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी थी। यह घटना उस दौरान हुई जब ट्रेन कोझिकोड और कन्नूर खंड के बीच कोरापुझा पुल को पार करने वाली थी।
