नई दिल्ली/नोएडा, जागरण डिजिटल डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के शहरों में अपना आशियान बनाने की चाहत हर किसी की होती है। यह चाहत तब भारी पड़ जाती है, जब लोग जानकारी के अभाव में गलत ढंग से प्लॉट खरीदकर फंस जाते हैं। लोगों को शातिरों के चंगुल से बचाने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के साथ जिला प्रशासन भी लोगों को सचेत करता रहता है। लोगों को ठगी से बचाने के लिए अलर्ट के तहत अब खादर इलाके में खेती की जमीन की रजिस्ट्री कराने से पहले एडीएम फाइनेंस और संबंधित अथॉरिटी जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी से एनओसी लेनी होगी। इसी के बाद जमीन की रजिस्ट्री की जा सकेगी।

जमीन लेने से पहले लेना होगा NOC

यमुना क्षेत्र के अलावा हिंडन नदी के खादर में भूमाफिया द्वारा गैरकानूनी तरीके से जमीन बेचने की मामलों में इजाफा होने के बाद जिला प्रशासन ने भी लोगों को सचेत करना का फैसला लिया है। गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी लोगों को अलर्ट किया है। निर्देश-आदेश में कहा गया है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले लोगों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (no objection certificate) लेना होगा। जिला प्रशासन का मानना है कि उसके इस कदम से जहां अतिक्रमण पर लगाम लगेगी, वहीं लोग भूमाफिया के जाल में फंसने से बच सकेंगे।

जिलाधिकारी ने लोगों को चेताया, भ्रम में आकर न खरीदें गैरकानूनी जमीन

बताया जा रहा है कि काफी समय से जिला प्रशासन को शिकायत मिल रही थी कि इलाके में सक्रिय भूमाफिया नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भूमाफिया खेती की जमीन को आवासीय बताकर बेच रहे हैं। दरअसल, कानून और नियम के तहत यह काम गैरकानूनी है। दरअसल, भूमाफिय ऐसे स्थानों पर प्लॉट और घर बनाकर बेच रहे हैं जो डूब क्षेत्र में आता है। इसको लेकर जिला प्रशासन अक्सर आगाह भी करता रहा हैं, बावजूद इसके लोग भूमाफिया में झांसे में आकर अपनी लाखों रुपये गंवा देते हैं, क्योंकि जानकारी मिलने पर प्रशासन इन्हें तोड़ देता है।

लेनी होगी 2 एनओसी

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्लॉट/जमीन के नाम पर धोखाधड़ी रोकने और सरकारी जमीन पर कब्जा रोकने के मकसद से जिलाधिकारी सुहास एलवाई की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। इसमें साफ-साफ कहा गया है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में जमीन खरीद-फरोख्त से पहले 2 विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। डीएम ने अलर्ट में कहा कि जिला प्रशासन ऐसे भूमाफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी कर रहा है, लेकिन लोग भी सचेत रहें और ऐसे जालसाजों के बहकावे में नहीं आएं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से कहा गया है कि ये इलाके नदियों के डूब क्षेत्र हैं। ऐसे में बाढ़ आने की स्थिति में यहां सबसे ज्यादा जान-माल का नुकसान होगा। यूं भी यहां पर जमीनों की खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकती है।

कार्रवाई के बावजूद बाज नहीं आ रहे भूमाफिया

गौरतलब है कि भूमाफिया मध्यवर्गीय लोगों को घर का सपना दिखाकर उन्हें पहले तो झांसे में लेते हैं, फिर डूब क्षेत्र या फिर गैरकानूनी जमीन को बेच देते हैं। इस बीच जब जिला प्रशासन अवैध निर्माण ढहाने पहुंचता तो उन्हें जमीनी हकीकत पता चलती है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। ऐसे में लोग जमीन के साथ अपना लाखों रुपया भी गंवा चुके होते हैं।

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Edited By: Jp Yadav