नई दिल्ली, राज्‍य ब्यूरो। हरियाणा में यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा उच्च स्तर पर बनी हुई है। जल बोर्ड द्वारा कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई है कि रोहतक क्रास रेगुलेटर के पास यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा 40 पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) पाया गया है। इसका कारण यह है कि हरियाणा से बगैर शोधन के गंदा पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है। यह बातें बृहस्पतिवार को दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहीं। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

रोहतक क्रास रेगुलेटर के पास यमुना के पानी में अमोनिया का स्तर 40 पीपीएम 

चड्ढा ने एक वीडियो जारी करके दिखाया कि किस तरह हरियाणा से यमुना में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। हरियाणा से गंदा पानी छोड़े जाने के कारण यमुना में प्रदूषण काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि 40 पीपीएम तक अमोनिया का बढ़ना काफी खतरनाक है। पानी का रंग भी गंदे हरे रंग का हो गया है। अमोनिया का स्तर बढ़ने के कारण दिल्ली में जल शोधन संयंत्र बंद करने पड़ जाते हैं। इस वजह से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। हरियाणा के बरोटा गांव और प्याऊं मनिहारी गांव के पास यमुना के पानी में अमोनिया का स्तर क्रमश: छह पीपीएम व तीन पीपीएम पाया गया।

हरियाणा सरकार के प्रति नाराजगी

उन्होंने इस मामले पर हरियाणा सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। साथ ही अपील करते हुए कहा है कि यमुना में अमोनिया कम करने के लिए हरियाणा सरकार कदम उठाए। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से यमुना में अमोनिया की समस्या बनी हुई है। हरियाणा से औद्याेगिक कचरा गिराए जाने के कारण पिछले दिनों दिल्ली में भी यमुना के पानी में अमोनिया का स्तर चार पीपीएम तक पहुंच गया था। इससे वजीराबाद व चंद्रावल जल शोधन संयंत्र से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई थी।

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