नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। मधु विहार इलाके में हसनपुर डिपो लाल बत्ती पर कार सवार योगेश कुमार की हत्या में गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ में एक बेहद चौकाने वाली बात सामने आई है। बदमाश रविंद्र उर्फ राजू ने अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए अपनी ही मौत का झूठा ड्रामा रच डाला। बदमाश तीन महीने पहले ही मर चुका था, बकायदा उसके पास अस्पताल का मृत्यु प्रमाण पत्र भी है। कागजात में खुद को मुर्दा घोषित कर चुके बदमाश ने गत रविवार को दिन दहाड़े कार सवार को गोलियों से भूना था। लेकिन उसके इस झूठ को स्पेशल सेल ने बेनकाब कर दिया।

पूछताछ में राजू ने बताया कि 2011 में योगेश ने उसके भाई की हत्या की थी। भाई की मौत का बदला लेने के लिए और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए उसने उत्तर प्रदेश के एक निजी अस्पताल से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया था। उसने बताया कि उसपकर हत्या के तीन, हत्या की कोशिश व आर्म्स एक्ट के दसे मुकदमें दर्ज हैं। जमानत पर बाहर आने पर पुलिस उसे पकड़ न पाए और वह अपने भाई की मौत का बदला ले सके। इसके लिए फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उसने मौत का झूठा ड्रामा किया था। उसने नशे में बेसुध होने का नाटक करते हुए एक कार में फोटो खिंचवाई। उसने अपने मुंह से झाग निकाले और शराब से भरा गिलास गाड़ी में अपने पास रख लिया।

फर्जी प्रमाण पत्र के अनुसार राजू को 10 जून की रात 11:50 बजे उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए वेंटिलेटर पर रखा था। अगले दिन दोपहर 2:16 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। मौत का कारण लिवर, किडनी व शरीर के अन्य अंग फेल होना बताया गया।

सेल के अनुसार प्रमाण पत्र पर अस्पताल का नाम और फाेन नंबर भी है, एक टीम अस्पताल के पते पर पहुुंचेगी और प्रमाण पत्र बनाने वाले को दबोचेगी। बता दें कि दक्षिणपुरी निवासी योगेश कुमार (33) की गत रविवार दोपहर बाइक सवार बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इसमें गैंगस्टर अब्दुल नासिर, राजू, राजीव और विवेक को अनारकली इलाके से मूठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।

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