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दिल्ली एयरपोर्ट पर नेपाली नागरिक से मिले दस्तावेज ने उड़ाई इमिग्रेशन की नींद, काठमांडू से आया था दिल्ली

Published: Wed, 24 Sep 2025 07:40 PM (IST)

काठमांडू से दिल्ली आए एक नेपाली यात्री के पास भारतीय मतदाता पहचान पत्र मिलने से सनसनी फैल गई। पूछताछ में ...और पढ़ें

दिल्ली एयरपोर्ट से एक नेपाली नागरिक को पकड़कर पूछताछ जारी।
दिल्ली एयरपोर्ट से एक नेपाली नागरिक को पकड़कर पूछताछ जारी।

HighLights

  1. नेपाली यात्री के पास से मिले भारतीय दस्तावेज।
  2. दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन विभाग में हड़कंप।
  3. दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पूरे देश में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रही चर्चा के बीच आईजीआई एयरपोर्ट पर सामने आए एक मामले में इमिग्रेशन विभाग की नींद उड़ा दी है।

खुद को नेपाली नागरिक बताने वाले एक यात्री से जब इमिग्रेशन ने पूछताछ शुरू की तो पता चला कि उसके पास न सिर्फ भारतीय पासपोर्ट है, बल्कि उसने मतदाता पहचान पत्र भी बनवा रखा है।

नेपाली नागरिक की ओर से भारतीय मतदाता पहचान पत्र पाए जाने का यह पहला मामला है। आखिर नेपाली नागरिक ने ऐसा क्यों किया, इसकी गहन जांच की जा रही है।

इमिग्रेशन ने आरोपी यात्री को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उचित धाराओं के तहत प्राथमिकी कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सब इंस्पेक्टर रैंक की अधिकारी को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इंडिगो की उड़ान से नेपाल से आया था आरोपी

आरोपी यात्री का नाम दंबर बहादुर माजी है। यह नेपाल के रामेच्छप जिला का रहने वाला है। इंडिगो की उड़ान से नई दिल्ली में लैंडिंग के बाद जब दंबर इमिग्रेशन क्लियरेंस के लिए काउंटर पर पहुंचा, तब अधिकारी ने इससे सामान्य प्रश्न पूछने शुरू किए।

बातों ही बातों में पता चला कि इसके पास भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज भी हैं। सघन पूछताछ में दबंर से इमिग्रेशन को पता चला कि आरोपी ने आधार भी बनवा रखा है।

आधार के अलावा इसके पास मतदाता पहचान पत्र भी मिला। इसने अपना आधार व मतदाता पहचान पत्र हैदराबाद के पते पर बनाया हुआ था। इमिग्रेशन ने इसे फर्जीवाड़ा का मामला मानते हुए पुलिस के हवाले कर दिया।

आखिर क्यों बनाया आधार व वोटर

पुलिस ने आरोपी से पूछताछ से मिले नतीजों के आधार पर यह पता करने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी ने मतदाता पहचान पत्र का इस्तेमाल चुनाव में मताधिकार के लिए किया।

इस प्रश्न का उत्तर आरोपी गोलमोल दे रहा था। आधार व पहचान की मदद से आरोपी ने अभी तक खुद को भारतीय नागरिक बताकर किन किन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया है, यह भी पता किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इसने अपने परिवार के अन्य सदस्यों का भी आधार बनवाया है।

इमिग्रेशन के लिए क्यों चिंता की बात

इमिग्रेशन के लिए नेपाली नागरिक के पास से भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज का पाया जाना एक चिंता की बात है। दरअसल नेपाल के नागरिकों से इस तरह के किसी अवैध दस्तावेज पाए जाने की बात न के बराबर सामने आई है।

आमतौर पर बांग्लादेश के नागरिकों के पास से इस तरह की शिकायतें इमिग्रेशन के सामने आती थी। लेकिन अब इस घटना के बाद इमिग्रेशन नेपाली नागरिकों से भी सघन पूछताछ करनी पड़ रही है।

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