विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

kisan Andolan: तीनों कृषि कानून रद होने पर जानिये क्या कहा कुमार विश्वास ने, पढ़िये- ताजा ट्वीट

By Jp YadavEdited By:
Published: Fri, 19 Nov 2021 07:48 PM (IST)Updated: Sat, 20 Nov 2021 01:19 PM (IST)

kisan Andolan Latest News देश की आर्थिक राजनीतिक और सामाजिक विद्रूपता पर लगातार कटाक्ष करने वाले देश की जाने-माने कवि ...और पढ़ें

kisan Andolan: मोदी सरकार के नए कृषि कानून रद करने पर जानिये क्या कहा कुमार विश्वास ने, पढ़िये- ताजा ट्वीट
kisan Andolan: मोदी सरकार के नए कृषि कानून रद करने पर जानिये क्या कहा कुमार विश्वास ने, पढ़िये- ताजा ट्वीट

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। गुरु नानक की जयंती पर उम्मीद के उलट सबको चौंकाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों (Three Farm Laws) को पूरी तरह वापस लेने का ऐलान किया। इसका मतलब एक साल पहले लाए गए तीनों केंद्रीय कृषि कानून शीत कालीन सत्र के दौरान संसद में पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए रद किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस ऐलान के बाद सत्ता पक्ष के नेताओं-मंत्रियों के साथ विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं का आना जारी है।

इसी कड़ी में देश की आर्थिक,  राजनीतिक और सामाजिक विद्रूपता पर लगातार कटाक्ष करने वाले देश की जाने-माने कवि कुमार विश्वास ने भी इशारों-इशारों में बिना किसी का नाम लिए और बिना किसान आंदोलन का जिक्र किए लाजवाब ट्वीट किया है। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के रद होने पर कुमार विश्वास ने ट्वीट किया है- 'गुरु नानक देव जी के प्रकाश पुरब पर इससे सुंदर क्या हो सकता था। बहुत-बहुत-बहुत ख़ुश हूं। सहमति, प्रजातंत्र की संजीवनी-शक्ति है।'

वहीं, कुमार विश्वास के ट्वीट पर लगातार प्रतिक्रिया भी मिल रही है। शिखा मिश्रा ने कुमार विश्वास को टैग करते हुए ट्वीट किया है- 'कविवर सहमति, लोकतंत्र और प्रजातंत्र की सुंदरता तो निसंदेह उचित है, लेकिन इस सहमति को बनाने में करीब 700 किसानों का परिवार बिखर गया और सबसे बड़ी समस्या तो नामचीन मीडिया घरानों और पत्रकारों की है जो कल तक कानून के फायदे गिना रहे थे अब बारीकियां और कमियां कैसे बताएंगे ?'

एक अन्य ट्वीट में एमडी एसगर अश्क ने लिखा है- 'कभी आलोचना करने का भी साहस दिखाइये तानाशाही सरकार का,अरे हां,मैं तो भूल् ही गया था कि कविराज तो उसी अन्ना आंदोलन का माइक संभालते थे जिसका निर्देशन तत्कालीन विपक्ष कर रहा था!'

यह भी पढ़ेंः दिल्ली के चारों बार्डर से आ रही बुरी खबर, संयुक्त किसान मोर्चा उठाने जा रहा ये बड़ा कदम

वहीं, कृषि कानूनों के पक्ष में अपनी प्रतिक्रिया में कुंवर वीर सिरोही ने ट्वीट किया है- 'कानून की कमियां गिनाने की किसी को कोई जरूरत नहीं है,कृषि बिलों में कोई समस्या नहीं थी ये तो सब राजनीतिक ड्रामेबाजी है और वह अब भी जारी रहेगी।किसानों की मृत्यु दुखद किन्तु मृत्यु का गोलीबारी या लाठी चार्ज नहीं बल्कि मृत्यु स्वाभाविक थी इस पर राजनीति बन्द होनी चाहिए।'

गौरतलब है कि तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ यूपी, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान पिछले साल नवंबर से ही आंदोलन कर रहे हैं।

Kisan Andolan: केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ाने वाला है किसान नेता दर्शनपाल और राकेश टिकैत का बयान

इसके साथ ही 26 नवंबर, 2020 को शुरू हुए किसान आंदोलन से ही दिल्ली-एनसीआर के बार्डर पर जमा संयुक्त किसान मोर्चा का एक ही सुर था कि वह बिना कृषि कानूनों करवाए बिना नहीं जाएंगे। अब जाकर करीब सालभर से चल रहे आंदोलन के आगे सरकार को झुकना पड़ा और तीनों कानूनों को निरस्त करना पड़ा। 

Delhi High Court News: सुनवाई के दौरान बनियान में नजर आया शख्स, दिल्ली HC ने लगाया 10,000 रुपये जुर्माना

Kisan Andolan: दिल्ली के बार्डर खाली करने के लिए राकेश टिकैत ने रखी शर्तें, ट्वीट कर दी जानकारी

Air Pollution 2021: प्रदूषण से परेशान दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों लोगों को मौसम विभाग ने दी खुशखबरी

10 साल पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन मालिकों के लिए खुशखबरी, जाने- दिल्ली सरकार का न्यू ईयर गिफ्ट

दिल्ली समेत उत्तर भारत के करोड़ों लोगों के लिए IMD का अलर्ट, जानिये- क्यों फरवरी तक पड़ेगी ठंड

Delhi Metro Pink Line : पिंक लाइन पर जल्द रफ्तार भरेगी ड्राइवरलेस मेट्रो, सिर्फ एक मंजूरी का इंतजार