नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। केद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व अन्य पांच आप नेताओं ने पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा है कि आरोप तय करने से पहले उनका पक्ष सुना जाए।

मुख्य महानगर दंडाधिकारी सुमित दास के समक्ष जेटली के अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री व अन्य आप नेताओं की आपराधिक मामले की सुनवाई पर रोक लगाने की मांग संबंधी याचिका 19 अक्टूबर को रद कर दी है। ऐसे में अदालत सभी पर आरोप तय करे, जिससे कि सुनवाई आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री व अन्य आप नेताओं की तरफ से अधिवक्ता राहुल मेहरा ने आरोप तय करने से पहले उनका पक्ष सुनने का आग्रह किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। जेटली के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि कानून में ऐसा प्रावधान नहीं है कि ट्रायल से पहले पक्ष सुना जाए।

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दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 11 नवंबर की तारीख तय की। सुनवाई के दौरान अरुण जेटली अदालत में मौजूद थे। वहीं, अदालत ने मुख्यमंत्री, आप नेता आशुतोष व संजय सिंह को पेशी से छूट प्रदान कर दी है।

मुख्यमंत्री व अन्य आप नेताओं ने दिसंबर 2015 में दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अरुण जेटली के खिलाफ बयानबाजी की थी। इस पर जेटली ने हाई कोर्ट में सिविल व पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मामला दायर किया था। जेटली ने अरविंद केजरीवाल के अलावा कुमार विश्वास, आशुतोष, राघव चड्ढा, संजय सिंह और दीपक वाजपेयी के खिलाफ शिकायत की है।

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Posted By: Amit Mishra

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