नई दिल्ली, जागरण संवाददाता : जेएनयू के कई परिसर की दीवारों पर जातिवादी नारे लिखे जाने के बाद सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसको लेकर अलग-अलग छात्र संगठनों का अलग-अलग मत है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की मांग है कि जल्दी से जल्दी जेएनयू प्रशासन विश्वविद्यालय की सभी सार्वजनिक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। जबकि वामपंथी छात्र संगठनों का कहना है कि परिसर में पहले भी कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लेकिन, उनका पक्षपातपूर्ण तरीके से इस्तेमाल किया गया है।

जेएनयू की हर घटना में कैमरे बंद ही मिले हैं

इसलिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तो उनका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। जब भी कभी जेएनयू में कोई घटना होती है तो सीसीटीवी कैमरे बंद ही मिले हैं। इसलिए जेएनयू प्रशासन सबसे पहले परिसर में दुस्साहसिक घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई करे।

जेएनयू में हुआ दो दिवसीय गीता जयंती का आयोजन

जेएनयू में पहली बार शनिवार को सम्मेलन केंद्र में इंटरनेशनल सोसाइटी फार कृष्णा कान्शियसनेस (इस्कान) के सहयोग से गीता जयंती मनाई गई। सुबह 10 से शाम सात बजे तक चले कार्यक्रम में शहर भर से 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दौरान इस्कान भक्तों द्वारा गाए गए फ्यूजन कीर्तन की धुन पर पहली बार छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नृत्य किया। जबकि अमोग लीला प्रभुजी के प्रेरक व्याख्यान ने भगवद गीता के वाकपटुता और उपदेश से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आयोजन में गीता के विभिन्न पाठों की चर्चा हुई 

पहले दिन उद्घाटन सत्र में भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शंकरानंद, इस्कान दिल्ली के उपाध्यक्ष ऋषि कुमार प्रभुजी और विहिप दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष कपिल खन्ना मौजूद रहे। इस दौरान गीता के विभिन्न पाठों पर पैनल चर्चा हुई। चर्चा में जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों के शिक्षकों ने भाग लिया।

Delhi MCD Election: जामिया, शाहीन बाग सहित संवेदनशील इलाकों में शांतिपूर्ण रहा मतदान, दिनभर डटे रहे जवान

Edited By: Nidhi Vinodiya

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट