नई दिल्‍ली, एएनआइ। गार्गी कॉलेज में वार्षिकोत्सव के दौरान छात्राओं से की गई छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार 10 लोगों को साकेत कोर्ट ने जमानत दे दी है। 

11 टीमें जांच कर रही 

पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि इस मामले में पुलिस की 11 टीमें जांच कर रही थीं। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गीतांजलि खंडेलवाल की टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल सर्विलांस की मदद से 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित वारदात वाली रात जबरन कॉलेज में प्रवेश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही आरोपितों की पहचान छात्राओं से करवाने के बाद उनसे पूछताछ भी की जा रही है।

57 छात्राओं से लिए गए थे बयान :

पुलिस टीम ने 57 छात्राओं से बयान लिए। इन बयानों के आधार पर पुलिस टीम ने यह जानकारी जुटाई कि पार्टी में कितने लोग कैसे-कैसे शामिल हुए। इसके अलावा कॉलेज के सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ के बाद पुलिस को कई अहम सुराग मिले। सुरक्षाकर्मियों ने ही वीडियो फुटेज की मदद से आरोपितों की पहचान करवाने में पुलिस की मदद की। अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम 11 टीम लगातार पिछले 48 घंटे से जांच में जुटी थीं। पुलिस टीम ने इस दौरान छह बार कॉलेज परिसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने करीब 100 से ज्यादा छात्राओं से बात की। दो टीमों को कॉलेज परिसर से लिए गए 23 कैमरों की फुटेज देखने के लिए लगाया गया था जिन्होंने आरोपितों की पहचान की। दो टीमें सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ में लगी रहीं। 10 और लोगों की और पहचान की गई है जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

ये था मामला :

गार्गी कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक फेस्ट का छह फरवरी को अंतिम दिन था। कुछ छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन से छेड़छाड़ की शिकायत दी। उन्होंने बताया कि कॉलेज परिसर में दोपहर को जबरन घुसे बाहरी लोगों ने छात्राओं के सामने अश्लील हरकत कर छेड़छाड़ की। इस घटना पर गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने इसे सुरक्षा में भारी चूक करार दिया था। इसके बाद घटना को लेकर कॉलेज प्रशासन हरकत में आया और मामले में पुलिस से शिकायत की गई। कॉलेज की प्रिंसिपल ने पूरे मामले की जांच के लिए एक हाई लेवल फैक्ट फाइंडिग कमेटी भी बनाई है, जो पीडि़त छात्राओं, घटना के चश्मदीदों और अन्य लोगों से बातचीत कर मामले की जांच कर रही है।

इधर, इस केस मामले में दिल्‍ली पुलिस को अहम सुबूत हाथ लगे हैं। इस मामले में जल्‍द ही अब खुलासा हो सकता है।  दिल्‍ली पुलिस ने गार्गी कॉलेज केस में 23 सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। इनमें से तीन सीसीटीवी कैमरे सीधे ग्राउंड की ओर थे जहां कार्यक्रम वाली रात हादसा हुआ था।

 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शुरुआती जांच में कॉलेज की गलती दिख रही है। कॉलेज प्रशासन ने प्रोग्राम के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी थी। हालांकि यह भी बताया गया है पुलिस के द्वारा कि यह केस अभी शुरुआती जांच में ही है और आगे की जांच की जा रही है।

इधर, दिल्‍ली यूनिवर्सिटी ने अपने सभी कॉलेजों को महिलाओं की सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए निर्देश दिया है। गार्गी कॉलेज में हुए हादसे के बाद यूनिवर्सिटी ने सभी प्रिसंपलों को इस बाबत निर्देश दिया है। बता दें कि गार्गी कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान छात्रा के साथ बाहरी तत्वों के द्वारा छेड़खानी का मामला सामने आया है।

दो सप्‍ताह में मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट

विश्वविद्यालय ने परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कॉलेजों द्वारा उठाए गए कदमों पर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। यह सारी बातें 10 फरवरी को जारी हुए एडवाजरी में है।

पुलिस से की सख्‍त कार्रवाई की मांग

डीयू ने गार्गी कॉलेज की घटना की निंदा करते हुए पुलिस से इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके अलावा यह भी बताया कि उसने मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल से कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। इधर इस मामले में दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी कहा कि यह बेहद दुखद और निराशाजनक घटना है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्‍होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

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Posted By: Prateek Kumar

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