यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'चुप नहीं बैठेंगे, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव पर दर्ज होगा केस', दवाईयों की कमी पर सौरभ भारद्वाज
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर दवाओं की कमी के कारण किसी की मृत्यु हो जाती ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों और औषधालयों में दवाओं की कमी को लेकर मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएं।
दिल्ली सरकार के अस्पतालों और औषधालयों में दवाओं की कमी और कुछ संबंधित अधिकारियों" द्वारा मोहल्ला क्लीनिकों में मुफ्त नैदानिक परीक्षणों को रोकने का मुद्दा आप विधायक राजेंद्र पाल गौतम ने नियम 54 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया।
सौरभ भारद्वाज ने सदन में दो रिपोर्ट पेश की
भारद्वाज ने इसके जवाब में सदन में दो रिपोर्ट पेश कीं, जिनमें मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव की रिपोर्ट भी शामिल है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने लिखित रूप में दिया है कि अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों में दवाएं उपलब्ध थीं और जो अनुपलब्ध थीं, उन्हें पूरा कर दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि दूसरी रिपोर्ट विधायकों की प्रतिक्रिया, समाचार रिपोर्ट और उनकी अपनी पूछताछ पर आधारित थी।उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत बोलियां उपलब्ध होने के बावजूद 2023 की केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) निविदा को अंतिम रूप नहीं दिया गया। उन्होंने कहा सरकारी अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और मोहल्ला क्लीनिकों के लिए दवाएं सीपीए के माध्यम से खरीदी जाती हैं।
पत्र लिखने के बाद कोई कार्रवाई नहींः भारद्वाज
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जनवरी में दवा की कमी और मोहल्ला क्लीनिक में जांच बंद होने का मामला सामने आया था। उन्होंने विवरण और कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को 12 फरवरी और फिर चार मार्च और 18 मार्च को लिखा लेकिन कुछ नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों द्वारा स्थानीय खरीद या अनुबंध दर पर खरीद के माध्यम से दवा खरीद के वैकल्पिक तरीके हैं, लेकिन चिकित्सा अधीक्षकों और चिकित्सा निदेशकों ने एक मार्च और 11 मार्च को हुई बैठकों में बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी परिपत्रों के कारण यह असंभव हो गया है।
आपूर्ति रोकने की पूर्व नियोजित साजिश: भारद्वाज
उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि यह सीपीए टेंडर में बाधा डालकर दवा की आपूर्ति रोकने की एक पूर्व नियोजित साजिश थी। उन्होंने कहा कि अगर अस्पतालों और औषधालयों में दवाएं ही उपलब्ध नहीं हैं तो (मुख्यमंत्री) अरविंद केजरीवाल या सौरभ भारद्वाज क्या करेंगे?
उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर निशाना साधते हुए भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने उन्हें बार-बार पत्र लिखा और बताया कि मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव दवाओं की कमी को छिपाकर मुझे और दिल्ली सरकार को गुमराह कर रहे थे। उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हम चुप नहीं बैठेंगे, केस दर्ज कराएंगे: भारद्वाज
भारद्वाज ने कहा कि अगर दवाओं की कमी के कारण किसी की मृत्यु हो जाती है या गंभीर रूप से बीमार पड़ जाता है तो क्या अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा शुरू नहीं किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम चुप नहीं बैठेंगे, हम मामले दर्ज कराएंगे।
उन्होंने कहा कि मैं इसके लिए मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ मामला दर्ज कराऊंगा। हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे। चर्चा के दौरान राखी बिड़ला, महेंद्र गोयल समेत आप के कई विधायकों ने अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों में दवाओं की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया।इसके अलावा विधायकों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं भी उठाईं।