नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क।  Delhi Violence Tahir Hussain: आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। ताहिर हुसैन पर दंगों की साजिश रचने तक का आरोप लगा है। जांच में सामने आया है कि 24-25 फरवरी को हुए दंगें की साजिश एक महीने पहले ही रच ली गई है। इसके लिए दक्षिण दिल्ली के शाहीन बाग में 8 जनवरी को बैठक हुई थी। इसमें आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन, जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद, यूनाइडेट अगेंस्ट हेट के सदस्य खालिद सैफी व पीएफआइ के सदस्य शामिल हुए थे। इसके बाद उमर खालिद व पीएफआइ सदस्यों ने ताहिर हुसैन को 1.10 करोड़ रुपये मुहैया कराए, जिन्हें योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए बांटा गया। आइये जानते हैं ताहिर हुसैन के बारे में, जिन्होंने यूपी के अमरोहा से आकर दिल्ली में मजदूरी की और फिर लंबे संघर्ष के बाद आम आदमी पार्टी से पार्षद चुने गए।

पहला मामला

जाफराबाद दंगा 25 फरवरी को 66 फुटा रोड पर क्रिसेंट पब्लिक स्कूल के बाहर व जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास भीषण दंगे हुए थे। इस दौरान गोली लगने से अमन नाम के युवक की मौत हो गई थी। यहां घटनास्थल से पुलिस 35 खाली कारतूस मिले थे। इनमें 11 खोखे 7.65 एमएम, 8 एमएम के 7 कारतूस और 5.56 एमएम के 17 खोखे थे। इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में जेएनयू की छात्रा नताशा नरवाल और देवांगना कलिता को भी आरोपित बनाया गया है। नताशा और देवांगना दोनों ¨पजरा तोड़ संगठन से हैं।  

दूसरा मामला

ताहिर हुसैन केस यह मामला खजूरी खास थाने में दर्ज किया गया है। आरोप-पत्र में बताया गया है कि 24 फरवरी की दोपहर सवा दो बजे ताहिर हुसैन के घर के बाहर भीषण दंगा हुआ था। इस मामले में ताहिर सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ताहिर ने यहां दंगे कराने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसका छोटा भाई शाह आलम भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। ताहिर द्वारा समुदाय विशेष के लोगों में रुपये बांटे जाने के भी सुबूत मिले हैं। ताहिर हुसैन के मकान की छत से ईंट, पत्थर, तेजाब से भरी बोतलों सहित तमाम आपत्तिजनक वस्तुएं मिलीं।

Posted By: JP Yadav

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