नई दिल्ली [आशीष गुप्ता]। दिल्ली दंगे के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने एक आरोपित को जमानत दे दी। कोर्ट ने आदेश में कहा कि इस मामले में जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र दायर हो चुका है। आरोप अभी तय नहीं हुए हैं। ट्रायल शुरू होने के बाद निष्कर्ष तक पहुंचने में समय लगेगा। ऐसे में आरोपित को तब तक जेल में रखने से किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होती। इस कारण उसे जमानत दी जा रही है।

दिल्ली दंगे के दौरान भजनपुरा इलाके में हुई थी तोड़-फोड़ की घटना

गत वर्ष दंगे फरवरी में हुए दंगे के दौरान भजनपुरा इलाके में तोड़फोड़ व चोरी की घटना हुई थी। उस मामले में आरोपित जितेंद्र ने जमानत के लिए मुख्य महानगर दंडाधिकारी के कोर्ट में अर्जी लगाई थी। अभियोजन पक्ष ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित पूर्व में 29 मामलों में लिप्त रहा है। उसे जमानत देना उचित नहीं होगा।

लंबा चल सकता है इस मामले में ट्रायल

वह बाहर निकल कर साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है। गवाहों को धमका सकता है। उसके फरार होने की आशंका जताते हुए अर्जी को खारिज करने का आग्रह किया। आरोपित की तरफ से पेश वकील प्रत्यक्ष गुप्ता ने कहा कि इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है। ट्रायल में लंबा समय लगेगा, ऐसे में उसे जमानत दे दी जाए।

पिछली जमानत का दिया गया हवाला

दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि आरोपित पिछले वर्ष 45 दिन अंतरिम जमानत पर रहा था। जमानत अवधि पूरी होने उसने आत्मसमर्पण कर दिया था। उस दौरान आरोपित ने किसे धमकी दी और किस साक्ष्य से छेड़छाड़ की, यह अभियोजन के पास नहीं है। ऐसे में उसे जमानत दी जाती है।

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Edited By: Prateek Kumar