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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cab-Taxi Fare: करीब 200 रुपये सस्ता हो सकता है कैब का किराया, Delhi NCR के लोगों को मिलेगी टैक्स से आजादी

By GeetarjunEdited By:
Published: Tue, 26 Jul 2022 09:41 PM (IST)

दिल्ली एनसीआर में कैब का किराया 100 से 200 रुपये सस्ता हो सकता है। चार राज्यों उत्तर प्रदेश हरियाणा दिल्ली ...और पढ़ें

100-200 रुपये सस्ता हो सकता है कैब का किराया, Delhi NCR के लोगों के लिए टैक्स से मिलेगी आजादी
100-200 रुपये सस्ता हो सकता है कैब का किराया, Delhi NCR के लोगों के लिए टैक्स से मिलेगी आजादी

नोएडा/गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। दिल्ली एनसीआर में कैब का किराया 100 से 200 रुपये सस्ता हो सकता है। जनता को सुलभ साधन मुहैया कराने के उद्देश्य से चार राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के बीच हुए सीआरटीए (रेसिप्रोकल ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट) के तहत एनसीआर क्षेत्र में कैब की सवारी सौ से दो सौ रुपये सस्ती होने की उम्मीद है।

दरअसल अभी एनसीआर के राज्यों में आवाजाही करने के दौरान व्यावसायिक वाहनों (वैन व कैब) को सौ से दो सौ रुपये का टैक्स देना पड़ता है। इस कारण इस टैक्स को किराये में जोड़ दिया जाता है, जिससे लोगों पर अतिरिक्त भार पड़ता है।

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CRTA लागू होने से मिलेगी टैक्स से आजादी

इतना ही नहीं अगर आप हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश के एनसीआर शहरों की एक साथ यात्रा करते हैं तो यह टैक्स और अधिक बढ़ जाता है। सीआरटीए (CRTA) के लागू होने से किराये में शामिल टैक्स से लोगों को आजादी मिल जाएगी और यात्री किराया सस्ता हो जाएगा।

नोएडा से करीब 10,000 हजार वाहन जाते हैं एनसीआर में

उपसंभागीय परिवहन अधिकारी गौतमबुद्ध नगर सियाराम वर्मा ने बताया कि टैक्स नहीं होने से आवाजाही में सहूलियत होगी। यात्री वाहनों का किराया सस्ता होगा। इससे व्यावसायिक वाहन स्वामियों व यात्रियों को फायदा मिलेगा। जिले में प्रतिदिन करीब 10 हजार व्यावसायिक वाहन गौतमबुद्ध नगर से एनसीआर के विभिन्न राज्यों में आवाजाही करते हैं।

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हर दिन होगी लाखों की बचत

संभागीय परिवहन अधिकारी गाजियाबाद अरुण कुमार वाष्र्णेय ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों (कैब व वैन) की प्रति सीट के हिसाब से प्रतिदिन 30 रुपये का टैक्स देना पड़ता है। योजना लागू होने के बाद प्रतिदिन जनता को लाखों की बचत होगी। जेवर एयरपोर्ट सहित नोएडा व ग्रेटर नोएडा में बढ़ने वाली व्यावसायिक व आवासीय क्षेत्र में भी सुगम साधन की व्यवस्था इस फैसले से होगी।

स्कूली बस, रोडवेज बस व एंबुलेंस को भी मिलेगी सुविधा

एनसीआर परमिट के नाम से दर्ज स्कूल बसों को भी टैक्स नहीं जमा करना होगा। इससे कई स्कूलों की बस का किराया भी कम होगा। अभी एनसीआर की स्कूल बसें दूसरे राज्यों में जाती हैं तो टैक्स जमा करना पड़ता है। एंबुलेंस को भी सभी जगहों पर टैक्स माफ करने की योजना है। इसके साथ एंबुलेंस को फिटनेस व टैक्स के लिए सामान्य चे¨कग में न रोकने की भी योजना है।

कैब यूनियन के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया कि कैब के लिए प्रतिदिन सौ रुपये से लेकर दो सौ रुपये से अधिक का टैक्स जमा करना पड़ता है। जिले के पांच हजार से अधिक व्यावसायिक वाहन स्वामियों को योजना लागू होने के बाद राहत मिलेगी व यात्रियों को भी सुविधा होगी।