यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Monkeypox Case: मंकीपाक्स का एक और संदिग्ध मरीज मिला, LNJP अस्पताल में चल रहा इलाज; दो महीने पहले पेरिस से लौटा था शख्स
Delhi Monkeypox Case दिल्ली के लोकनायक अस्पताल (LNJP Hospital) में मंकीपाक्स का एक और संदिग्ध मिला है। संदिग्ध दिल्ली से ...और पढ़ें

नई दिल्ली [राहुल चौहान]। दिल्ली के लोकनायक अस्पताल (LNJP Hospital) में मंकीपाक्स का एक और संदिग्ध (Suspected Patient of Monkeypox) मिला है। संदिग्ध दिल्ली से सटे गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली में मंकीपाक्स का एक मरीज मिला था।
मरीज को हल्का बुखार और शरीर लाल दाने दिख रहे हैं। लोकनायक अस्पताल ने जांच के लिए युवक के खून का सैंपल पुणे स्थित एनआइवी की लैब भेजा है। संदिग्ध दो महीने पहले ही पेरिस (फ्रांस) गया था। संदिग्ध शक्श 20 दिन पहले मुंबई से लौटा है।
24 जुलाई को मिला था मरीज, LNJP में की गई बेड की व्यवस्था
लोकनायक अस्पताल को मंकीपाक्स के इलाज के लिए नोडल अस्पताल बनाया गया है। यहीं पर मंकीपाक्स से पीड़ित 34 वर्षीय मरीज को भर्ती किया गया है। अभी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मंकीपाक्स के इलाज के लिए छह बेड की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी।
महानिदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार मंकीपाक्स की निगरानी की जिम्मेदारी जिला सर्विलांस यूनिट की होगी और संक्रमण की रोकथाम के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। सभी सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल और नर्सिग होम मंकीपाक्स के लक्षण के साथ इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों की जानकारी जिला सर्विलांस यूनिट को देंगे।
इसके लक्षण क्या हैं? (Monkeypox Symptoms)
- मंकीपॉक्स से संक्रमित होने के पांच दिन के भीतर बुखार, तेज सिरदर्द, सूजन, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान के लक्षण दिखते हैं।
- वायरस के लक्षण दिखने का समय 6 से 13 दिन का होता है, लेकिन कई बार यह समय 5 से 21 दिनों तक हो सकती है।
- बुखार आने पर एक-दो दिन में इसका असर दिखना शुरू हो जाता है। शरीर पर दाने निकलने लगते हैं।
मंकीपॉक्स का इलाज क्या है?
- विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक इसका कोई ठोस इलाज नहीं है।
- हालांकि चेचक की वैक्सीन मंकीपॉक्स के संक्रमण के खिलाफ असरदार साबित हुई है।
- संक्रमित होने पर जानवरों और परिवार के अन्य सदस्यों से दूर बना के रहें।
क्या कहता है WHO
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक अब तक दुनियाभर के 75 देशों में 16 हजार से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। WHO के मुताबिक मंकीपॉक्स जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारी है। इस वायरस से संक्रमित होने पर मनुष्य के शरीर पर चेचक जैसे दाने निकल आते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें गंभीर बीमारी का खतरा कम होता है। यह वैरियोला वायरस फैमिली का हिस्सा है।
