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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Excise Policy Case: IAS पर FIR दर्ज करने के लिए LG सक्सेना ने की गृह मंत्रालय से सिफारिश

Published: Fri, 19 Jan 2024 05:10 PM (IST)Updated: Fri, 19 Jan 2024 06:19 PM (IST)

शराब कारोबारियों से वसूली करने के आरोपित एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ एलजी वी के सक्सेना ने कार्रवाई के आदेश ...और पढ़ें

IAS पर FIR दर्ज करने के लिए LG सक्सेना ने की गृह मंत्रालय से सिफारिश।
IAS पर FIR दर्ज करने के लिए LG सक्सेना ने की गृह मंत्रालय से सिफारिश।

HighLights

  1. कुल वसूली का 35 प्रतिशत मांगने का आडियो जांच में सही आने पर आईएएस पर कार्रवाई की अनुशंसा
  2. वसूली का है आरोप, वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं आइएएस अमरनाथ तलवड़े

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आबकारी घोटाले में शराब कारोबारियों से वसूली करने के आरोपित एक आइएएस अधिकारी के खिलाफ एलजी वी के सक्सेना ने एफआइआर करने का आदेश दिया है। साथ ही गृहमंत्रालय से अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की गई है।

आरोप आईएएस अधिकारी अमरनाथ तलवड़े पर लगा है जो इस समय अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं। जिस मामले में एलजी ने एफआइआर का आदेश दिया है वह 2015-16 का है। तब तलवड़े दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाइज कार्पोरेशन लिमिटेड (डीएससीएससी) में वरिष्ठ महाप्रबंधक के पद पर थे। आरोप है कि उन्होंने डीएससीएससी के प्रबंधक पीके शाही (अब सेवानिवृत्त) पर शराब कारोबारियों से पैसे एकत्रित करने का दबाव बनाया और उन्हें स्थानांतरित की धमकी दी।

राजनिवास सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई का निर्णय तब लिया गया है जब दोनों अधिकारियों के बीच टेलिफोन पर बातचीत सामने आई और एफएसएल की जांच में इसे सही पाया गया। एफएसएल की जांच में कहा गया है कि काल रिकार्डिंग सही है और इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है। बातचीत में कथित तौर पर तलवड़े यह भी कबूल करते हैं कि उन्हें डीएससीएससी का चार्ज संभालने के तुरंत बाद शाही से पांच लाख रुपए मिल गए। तलवड़े डीएससीएससी में 12 जनवरी 2015 से 29 अप्रैल 2016 तक तैनात थे।

नोएडा निवासी ने दी थी शिकायत

इस मामले में एक नोएडा निवासी ने 21 मार्च 2023 को सतर्कता निदेशालय को शिकायत दी थी। उन्होंने ऑडियो क्लिप वाला पेन ड्राइव भी सौंपा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बातचीत एक आईएएस अधिकारी और एक इंस्पेक्टर के बीच हो रही है जो किसी आबकारी मामले में रिश्वत की बात कर रहे हैं। शुरुआती जांच में सतर्कता निदेशालय ने पाया कि कथित आईएएस अधिकारी अमरनाथ तलवड़े थे और दूसरे अधीनस्थ अधिकारी पीके शाही हैं, जिनके बीच बातचीत हुई थी।

ऑडियो में तलवड़े को वसूली करते सुना गया

कथित तौर पर ऑडियो में तलवड़े को 35 प्रतिशत (कुल वसूली का) मांगते हुए सुना जा सकता हैं जिसका वादा उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से किया है। इस पर साही ने तलवड़े से कहा कि वह 15 प्रतिशत की ही व्यवस्था कर सके क्योंकि लगातार दो महीने ड्राई रहे, जब वसूली लगभग शून्य रही। तलवड़े ने अपने अधीनस्थ अधिकारी पीके शाही से कहा, ''मैंने अरविंद केजरीवाल को 35 प्रतिशत का प्रस्ताव दिया।'' इस पर शाही कहते हैं, ''मैं आपको 15 से 20 प्रतिशत तक दे सकता हूं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह टारगेट मेरे ख्याल से हासिल किया जा सकता है। इससे ज्यादा ले पाना मुश्किल होगा।''

ऑडियो क्लिप को FSL में जांच के लिए भेजा गया

सतर्कता निदेशालय द्वारा मुख्य सचिव के आदेश पर ऑडियो क्लिप को एफएसएल में जांच के लिए भेजा गया था। अब इस पर जो रिपोर्ट आई है, उसमें ऑडियो को सही पाया गया है। एफएसएल का कहना है कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं है और आडियो पूरी तरह प्रामाणिक है। इसके बाद मामले को विधि विभाग के पास भेजा गया था। विभाग का कहना है कि यह मामला एफआईआर के योग्य है। अब तक मिली जानकारी के आधार पर केस दर्ज किया जाना चाहिए।

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