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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'बिना बताए बीवी मायके चली जाती है', पति के आरोपों पर पत्नी ने कहा- उसके भाभी के साथ हैं अवैध संबंध; हाईकोर्ट ने बताया- क्रूर मानसिकता

By Vineet TripathiEdited By: Sonu Suman
Published: Sun, 17 Dec 2023 05:24 PM (IST)

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि पति पर भाभी से अवैध संबंध होने का तुच्छ आरोप लगाना न सिर्फ पति ...और पढ़ें

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- पति पर भाभी से अवैध संबंध की बात कहना क्रूर मानसिकता।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- पति पर भाभी से अवैध संबंध की बात कहना क्रूर मानसिकता।

HighLights

  1. फैमिली कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखते हुए महिला की याचिका खारिज

विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। आधुनिक दौर में रिश्तों में आने वाली दरार की एक मुख्य वजह अपने ही जीवनसाथी के चरित्र पर सवाल उठाते हुए बेबुनियाद आरोप लगाना भी है। ऐसे ही एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि पति पर भाभी से अवैध संबंध होने का तुच्छ आरोप लगाना न सिर्फ पति बल्कि उसके परिवार के सदस्यों के प्रति मानसिक क्रूरता है। अदालत ने कहा कि अवैध संबंध होने का आरोप लगाने के पति के दावे से महिला ने इनकार नहीं किया है और न ही अवैध संबंध को किसी भी तरह से साबित किया है।

क्रूरता के आधार पर तलाक देने के पारिवारिक अदालत के निर्णय को बरकरार रखते हुए न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा पीठ ने कहा कि महिला पर की गई क्रूरता को साबित करने का उत्तरदायित्व उसी का है। अदालत ने महिला के उन तर्काें को भी ठुकरा दिया, जिसमें उसने कहा था कि पति के साथ हुई आपसी समझौते पर पारिवारिक अदालत ने विचार नहीं किया।

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महिला ने दावा किया था कि समझौते के बाद वे एक साल तक एक-साथ रहे भी थे। हालांकि, अदालत ने नोट किया कि पति ने पारिवारिक अदालत में तलाक की मांग को लेकर दाखिल ताजा आवेदन में कहा था कि महिला ने उसके और उसके परिवार के विरुद्ध की गई शिकायतों को वापस नहीं लिया।

फैमिली कोर्ट के निर्णय में कोई गलती नहीं

अदालत ने यह कहा कि यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि प्रतिवादी पति के साथ वैवाहिक संबंध फिर से शुरू करने का अपीलकर्ता महिला का कोई इरादा नहीं था। अदालत ने माना कि तलाक देने के पारिवारिक अदालत के निर्णय में कोई गलती नहीं है और इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

पति ने कहा- पत्नी बिना बताए मायके चली जाती है

महिला ने 28 अगस्त 2019 के पारिवारिक अदालत के निर्णय को चुनाैती दी थी। महिला व प्रतिवादी की 14 मई 2011 को शादी हुई थी। पति का आरोप है कि महिला का उसके परिवार के साथ ठीक व्यवहार नहीं रखती थी और उसे बिना बताए ही अपने मायके चली जाती थी। विवाद के कारण दोनों अगस्त 2012 में ही वह अलग-अलग रहने लगे थे।

पति पर लगाए भाभी से अवैध संबंध होने के आरोप

वहीं, महिला का आरोप है कि प्रतिवादी पति शराब पीता था और उसके अपनी भाभी के साथ अवैध संबंध थे। यह भी आरोप लगाया था कि वह और उसके माता-पिता उसके साथ घरेलू सहायिका जैसा बर्ताव करते थे। महिला ने कहा था कि उसके साथ मानसिक क्रूरता के साथ दहेज प्रताड़ना हुई है।

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