नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। डलावघर की भूमि पर पुस्तकालय बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को नोटिस व समन जारी किया है। एडिशनल सीनियर सिविल जज हिमांशु रमन सिंह के कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई। इस मामले में अगली सुनवाई 13 दिसंबर को तय की गई है।कृष्णा नगर में रहने वाले अधिवक्ता रवि भार्गव और रोहित कुमार माहिया ने कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिका दायर की।

अवैध कब्जा कर पुस्तकालय बनाने का आरोप 

उसमें याचिकाकर्ताओं ने बताया कि कड़कड़डूमा कोर्ट के पास प्रिया एन्क्लेव में मेन रोड पर 300 गज भूमि पर एमसीडी का डलावघर हुआ करता था। अब एमसीडी ने डलावघर को हटा दिया है। याचिका में आरोप लगाया कि इस जमीन पर पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने एमसीडी के उच्चाधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अवैध कब्जा किया और उस पर पुस्तकालय बना दिया है।

याचिका कर्ता ने जन रसोई’ को सराहा 

सरकारी भूमि पर कार्य के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति जरूरी होती है, जो नहीं ली गई है। इस तरह के अवैध और असंवैधानिक कार्य को किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता। याचिकाकर्ता ने ‘जन रसोई’ की सराहना की है, साथ ही कहा कि कानून का उल्लंघन कर जन कल्याणकारी गतिविधि नहीं की जा सकती। याचिका में डलावघर की भूमि पर बने पुस्तकालय के उपयोग पर रोक लगाने की मांग की गई है। यह गुहार भी लगाई गई है कि एमसीडी को डलावघर की भूमि का कब्जा वापस लेकर उस पर बने पुस्तकालय का स्ट्रक्चर हटाने का निर्देश दिया जाए।

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भाजपा विधायक की शिकायत को बनाया आधार

इस याचिका में गांधी नगर से भाजपा विधायक अनिल बाजपेयी के शिकायती पत्र को भी आधार बनाया गया है। याचिका में बताया गया कि विधायक बाजपेयी ने पत्र के माध्यम से यह मुद्दा उप राज्यपाल और नगर निगम के समक्ष उठाया था, फिर वह शांत बैठ गए। एक पत्र में विधायक ने सीबीआइ जांच की भी मांग की है। इन पत्रों की प्रति याचिका के साथ संलग्न की गई है।

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Edited By: Pradeep Kumar Chauhan

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