यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कपिल की अनूठी मांग: विस सत्र की शुरुआत आदरणीय सुशील गुप्ता जी की स्तुति गान से हो
सदन में सबसे पहले सुशील गुप्ता पर ही चर्चा की जाए और अगर उनकी उपलब्धियों पर चर्चा करने के लिए ...और पढ़ें

नई दिल्ली [ जेएनएन ]। सोमवार से शुरू होने वाले तीन दिवसीय दिल्ली विधानसभा का सत्र हंगामेदार होगा। इस हंगामें की पटकथा तैयार हो रही है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा के लिए नामांकित सुशील गुप्ता के मुद्दे पर विपक्ष ही नहीं पार्टी के अंदर भी तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने तो इस बाबत विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गाेयल को एक पत्र भी लिखा है।
कपिल मिश्रा ने अपने पत्र में सुशील गुप्ता पर सदन में विशेष चर्चा की मांग की है। दिल्ली विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र सोमवार से शुरु होने वाला है। पत्र में लिखा है इस बार विधानसभा सत्र की शुरुआत राष्ट्रीय गान के पश्चात, परम आदरणीय सुशील गुप्ता जी के स्तुति गान से ही किया जाए।
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उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से निवेदन किया है कि सदन में सबसे पहले सुशील गुप्ता पर ही चर्चा की जाए और अगर उनकी उपलब्धियों पर चर्चा करने के लिए सदन के तीन दिन कम पड़े तो सदन की अवधि बढ़ाई जाए। जनता को इस प्रकार की अद्भुत तीन विभूतियों के बारे में संपूर्ण जानकारी नहीं है।
विधायकों ने मुख्यमंत्री की अगुवाई में इन तीन विभूतियों को देश की संसद में भेजा है इसलिए कृपया सदन में विशेष चर्चा के माध्यम से इनके बारे में जनता की जिज्ञासा को भी शांत किया जाए।
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जनता को बताना जरूरी है किस प्रकार आम आदमी के हक की लड़ाई के लिए सुशील गुप्ता ने कांग्रेस में रहते हुए राष्ट्रमंडल खेल घोटालें का जबरदस्त विरोध किया। सुशील गुप्ता जो पूरे दिल्ली शहर के और यहां तक कि हरियाणा के भी अर्बन वोट एक झटके में मोड़ सकते हैं, वो मोती नगर से तीसरे नंबर पर केवल इसलिए रहे कि भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाया जा सके।
कौन हैं सुशील गुप्ता
सुशील गुप्ता दिल्ली और हरियाणा में शिक्षा और स्वास्थ्य के कारोबार से जुड़े हैं। इससे पहले वे 2013 में कांग्रेस की ओर से चुनाव भी लड़ चुके हैं, लेकिन वे हार गए थे। चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, 4 साल पहले वे 164 करोड़ के मालिक थे।
