विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली के वायु प्रदूषण से इन वाहन मालिकों को ज्यादा नुकसान, काटे गए 31 हजार से अधिक चालान

By sanjeev Gupta Edited By: Rajesh Kumar
Published: Sun, 13 Apr 2025 06:22 PM (IST)

दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण पुराने वाहन हैं। GRAP के तीसरे और चौथे चरण के प्रतिबंध लगने पर BS-III ...और पढ़ें

दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण पुराने वाहनों पर बुरा असर पड़ रहा है। फाइल फोटो
दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण पुराने वाहनों पर बुरा असर पड़ रहा है। फाइल फोटो

HighLights

  1. पुराने वाहनों पर GRAP प्रतिबंध
  2. 31 हजार से ज्यादा चालान
  3. खराब परिवहन व्यवस्था कारण

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में प्रदूषण के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इसका सबसे बड़ा असर पुराने वाहनों पर पड़ रहा है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तीसरे और चौथे चरण के प्रतिबंध लगते ही बीएस तीन मानकों वाले पेट्रोल से चलने वाले वाहन और बीएस चार मानकों वाले डीजल से चलने वाले वाहनों पर रोक लग जाती है। अगर ये सड़कों पर नजर आते हैं तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

आमतौर पर मानसून को छोड़कर, दिल्ली में प्रदूषण का स्तर ज्यादातर दिनों में सामान्य से ज्यादा रहता है। लेकिन, सर्दियों के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। इससे निपटने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण को रोकने के लिए GRAP प्रतिबंध लगाए जाते हैं।

AQI के 350 से ऊपर होने पर GRAP 3 प्रतिबंध लगाए जाते हैं और 400 से ऊपर होने पर GRAP 4 प्रतिबंध लगाए जाते हैं। इस दौरान पुराने वाहन मालिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की हाल ही में जारी रिपोर्ट से पता चलता है कि सर्दियों के दौरान जीआरएपी प्रतिबंधों के मद्देनजर कितने वाहनों को निशाना बनाया गया।

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी का कहना है कि वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय दिल्ली की खराब परिवहन व्यवस्था को सुधारना बेहतर होगा। अगर ऐसा संभव हुआ तो दिल्लीवासी निजी वाहनों का इस्तेमाल वैसे भी कम कर देंगे।

डीपीसीसी की रिपोर्ट के मुताबिक

  • सर्दी के मौसम में कुल 42 दिन तक ग्रैप प्रतिबंध लगाए गए।
  • 13 दिन तक ग्रैप 3 प्रतिबंध लगाए गए, जबकि 29 दिन तक ग्रैप 4 प्रतिबंध लगाए गए। इसके चलते पुराने इंजन वाली गाड़ियों को भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा।
  • इस दौरान कुल 31 हजार 209 वाहनों का चालान किया गया।
  • वर्ष 2024 में जनवरी से दिसंबर के बीच कुल चार लाख 52 हजार 833 वाहनों की जांच की गई।
  • 49 हजार 484 ऐसे मालवाहक वाहन थे, जिनका गंतव्य दिल्ली नहीं था, लेकिन वे यहां से गुजरना चाहते थे। ऐसे वाहनों को बाहर से ही वापस कर दिया गया।

यह भी पढ़ें: AIIMS में इलाज का इंतजार हुआ आसान, अब ऑनलाइन मिलेगी ये जानकारी