यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सोने की तरह ही अब जांच सकेंगे चांदी की क्वालिटी... भारतीय मानक ब्यूरो एक सितंबर से करने जा रहा है बड़ा बदलाव
सोने के बाद अब चांदी के गहनों की गुणवत्ता जांचने के लिए 1 सितंबर से छह अंकों का एचयूआईडी कोड ...और पढ़ें

HighLights
- एक सितंबर से छह डिजिट का जारी होगा एचयूआइडी कोड, ज्वेलर्स हो रहे तैयार
- चांदी की गुणवत्ता मापने से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, सात वर्ग में मिलेगी गारंटी
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। सोने के गहनों की गुणवत्ता मापदंड Hallmark Unique Identification (HUID) तय करने के बाद अब चांदी की शुद्धता को आंकने की बारी है।
इसके लिए चांदी की ज्वेलरी के लिए एक सितंबर से छह अंकों का HUID Code जारी किया जाएगा। फिलहाल यह ऐच्छिक रहेगा। इसके लिए दिल्ली के ज्वेलर्स तैयार होने लगे हैं।
जल्द ही इसे लेकर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS ) अधिकारियों की ओर से बाजारों में प्रशिक्षण कैंप लगाया जाएगा। साथ ही हाॅलमार्किंग सेंटर को भी अपग्रेड किया जाने लगा है।
इस नई व्यवस्था को लागू करने के बाद से चांदी से बने उत्पादों की खरीद में गड़बड़ियों की शिकायत और आशंका नहीं रह जाएगी।
सात प्रकार के मानकों में मापी जाएगी चांदी की क्वालिटी
सोने की तरह चांदी में कैरेट मानक नहीं है, बल्कि सात प्रकार के प्रतिशत यानी 750, 830, 850, 900, 920, 950 और 100 रहेगी। जुलाई 2021 में सोने के लिए हालमार्क व्यवस्था लागू की गई थी।
वैसे, देशभर में चांदी के हाॅलमार्क मामले में अभी तक बीआईएस से 18,414 ज्वेलर्स ने ही पंजीकरण कराया है, जबकि सोने के मामले में पंजीकरण 1,86,207 है। ऐसे में बीआईएस की कोशिश होगी कि बाकि ज्वेलर्स को भी पंजीकरण के दायरे में लाया जाए।
सोने की तरह चांदी भी दर के नए रिकार्ड बना रहा है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में चांदी की दर एक लाख 16 हजार प्रतिकिलो रही। ऐसे में निवेशकों में इसकी शुद्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसके मद्देनजर बीआईएस की ओर से एचयूआईडी हाॅलमार्क का प्रविधान किया गया है।
छह अंकों के बीआईएस चिह्न के साथ लिखा होगा सिल्वर
जिसमें छह डिजिट के बीआईएस चिह्न के साथ सिल्वर शब्द लिखा होगा। साथ में शुद्धता ग्रेड के साथ ही हाॅलमार्किंग सेंटर व ज्वेलर्स का पहचान चिह्न होगा।
ऑल बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल के अनुसार, मौजूदा समय में भी चांदी के उत्पादों के लिए चार डिजिट के हालमार्क जारी होते हैं, लेकिन उसे चांजने की व्यवस्था नहीं थी। अब एचयूआईडी के साथ चांदी की गुणवत्ता को भी बीआईएस एप से जांचा जा सकेगा।
