नई दिल्ली [जेएनएन]। मनी लांड्रिंग के मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह व हवाला कारोबारी मोहम्मद असलम वानी के खिलाफ बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोप तय कर दिए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा के समक्ष दोनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए न्यायिक प्रक्रिया की मांग की। वानी ने खुद को निर्दोष बताते हुए मंगलवार को जमानत के लिए आवेदन पत्र दाखिल किया था। इस पर कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का पक्ष पूछा था।

आतंकी हाफिज सईद से हैं संबंध 

ईडी ने 23 सितंबर 2017 को शब्बीर शाह के खिलाफ मनी लांड्रिंग के तहत चार्जशीट दाखिल कर आरोप लगाया था कि उसके संबंध पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद से हैं। 700 पन्नों की चार्जशीट में 19 लोगों को गवाह बनाया गया है।

आयकर रिटर्न फाइल नहीं करता है शब्बीर

ईडी ने कोर्ट को बताया था कि शब्बीर ने अपने बयान में कहा कि उसकी आय का कोई स्रोत नहीं है और वह आयकर रिटर्न भी नहीं फाइल करता है। वानी ने ईडी को दिए बयान में कहा था कि वह शब्बीर के कहने पर अप्रैल 2003 में कई बार श्रीनगर से दिल्ली आया था। वानी को ईडी ने 6 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया था।

शब्बीर ने वानी को कमीशन पर काम करने को कहा

ईडी का कहना है कि शब्बीर ने वानी को कमीशन पर काम करने को कहा था। उसे दिल्ली से हवाला का रुपया एकत्र कर श्रीनगर में डिलीवर करने का काम सौंपा गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 2.25 करोड़ रुपये शब्बीर शाह को देने के मामले में 2005 में पहली बार वानी को गिरफ्तार किया था। इसी के आधार पर ईडी ने शब्बीर व वानी के खिलाफ 2007 में मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

26 जुलाई को गिरफ्तार

हालांकि, वर्ष 2005 के आतंकी फंडिंग के मामले में निचली अदालत ने उसे दोषी नहीं करार दिया था, लेकिन आ‌र्म्स एक्ट के तहत सजा सुनाई थी। 6 अगस्त को कश्मीर पुलिस की मदद से ईडी ने असलम वानी को फिर गिरफ्तार किया था और वह इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। शब्बीर शाह को श्रीनगर पुलिस ने 26 जुलाई को गिरफ्तार किया था। 

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Posted By: Amit Mishra

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