नई दिल्ली [पुष्पेंद्र कुमार]। मनुष्य सेवा जो करे वह सदा सुख पाए, मन की शांति तब मिले जब किसी का दुखदर्द कम हो जाए। कालिदास ने कहा कि किसी मनुष्य की सेवा कर उसका दुखदर्द दूर हो जाए तो जीवन में उससे बड़ा कोई पुण्य का काम नहीं है। एक प्रयास जो नि:स्वार्थ भाव रखते हुए समाज हित में जरूरतमंदों की सेवा को ही मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बनाता है। कुछ ऐसा ही मानना है खजूरी में रहने वाले अवधेश कुमार का।

अवधेश ने बताया कि सात वर्ष पहले उन्होंने एक्यूप्रेशर व एक्यूपंक्चर थेरेपी का कोर्स किया था और पढ़ाई के दौरान दोस्तों के साथ वह अपने आसपास के इलाकों में लोगों का मुफ्त में एक्यूप्रेशर थेरेपी से इलाज कर शरीर की तमाम बीमारियों से मुक्त करते रहते है। उन्होंने बताया कि विगत कुछ समय से वह इलाके में स्थित लाल मंदिर में रोजाना सुबह के समय रोग पीड़ितों को एक्यूप्रेशर थेरेपी से निरोग करते हैं। साथ ही स्कूलों व कॉलेजों में नि:शुल्क शिविर लगाकर लोगों को इस थेरेपी से निरोग रहने के लिए सी अॉफ ट्रंक्वालिटी, लेग थ्री माइलस, थर्ड आइ, पेरीकार्डियम, जोइनिंग द वैली आदि एक्यूप्रेशर प्वॉइंट की टिप्स दे रहे हैं।

अवधेश का मानना है कि एक्यूप्रेशर थेरेपी एक ऐसी प्राचीन चिकित्सा कला है जिसमें शरीर पर उंगलियों से धीरे-धीरे दबाव देकर किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को राहत पुहंचायी जाती है। एक्यूप्रेशर सभी बाधाओं और रुकावटों को रोकता है। साथ ही शरीर के अंदर ऊर्जा का संचार करता है। शरीर में जो ऊर्जा प्रवाहित होती है। वह कैसे हम सोचते है, कैसे महसूस करते है और कैसे सांस लेते हैं। इन सभी चीजों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति के मस्तिष्क में नकारात्मक विचार पैदा होते हैं। तो यह शरीर में ऊर्जा को प्रवेश करने से रोकती है। लेकिन व्यक्ति को एक्यूप्रेशर चिकित्सा देकर उसके शरीर में अंदर ऊर्जा को प्रवाहित कर सकारात्मक विचारों को लाने का प्रयत्न किया जाता है। एक्यूप्रेशर थेरेपी व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को बढ़ाती है और तनाव का निवारण करने, सर्कुलेशन को बढ़ाने, पीड़ा कम करने के साथ ही व्यक्ति में आध्यात्मिकता बढ़ाती है और स्वास्थ्य के देखभाल के लिए प्रेरित करती है।

एक्यूप्रेशर थेरेपी के नुकसान

अवदेश का कहना है कि एक्यूप्रेशर का इस्तेमाल आमतौर पर बहुत सुरक्षित माना जाता है। लेकिन यदि आप कैंसर, अर्थराइटिस, ह्रदय रोग जैसी अन्य किसी प्रकार की गंभीर बीमारियों से पीड़ित है तो एक्यूप्रेशर थेरेपी के उपयोग करने से पहले अपने आसपास किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह ले और साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान एक्यूप्रेशर थेरेपी के इस्तेमाल से महिलाओं का गर्भपात हो सकता है, क्योंकि प्रेशर प्वांइट पर रगड़ एवं दबाव पड़ने की वजह से मां व शिशु के शरीर को नुकसान होता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को इस थेरेपी से परहेज करना चाहिए। जिन लोगों की हडि्डयों में फ्रैक्चर हो उन्हें एक्यूप्रेशर थेरेपी नहीं करनी चाहिए। इस दौरान उनका दर्द बढ़ सकता है। अगर आप डायरिया व बुखार से पीड़ित है तो एक्यूप्रेशर थेरेपी लेने पर आपकी बीमारी और ज्यादा बढ़ सकती है।

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