डीडीए की 25% छूट का दिखा बड़ा असर, नरेला में दो घंटे में 2500 फ्लैट बुक; अब भी 30 हजार बाकी
नरेला में डीडीए के फ्लैटों पर 25 प्रतिशत छूट का बड़ा असर दिखा, जहां 2516 एलआईजी फ्लैटों में से 2500 ...और पढ़ें

मौजूदा वित्त वर्ष में करीब सात हजार फ्लैट बिक चुके हैं जबकि लगभग 30 हजार अभी भी शेष हैं। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
नरेला में 25% छूट पर 2500 से अधिक डीडीए फ्लैट बुक।
आवास निवेश योजना में बुकिंग खुलने के दो घंटे में बंपर बिक्री।
यूईआर-2 और प्रस्तावित मेट्रो से नरेला की पहुंच में सुधार।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। लंबे समय से खरीदारों का इंतजार कर रहे नरेला के डीडीए फ्लैटों के लिए तस्वीर अब बदल रही है। 25 प्रतिशत छूट के साथ शुरू हुई आवास निवेश योजना में 2516 एलआईजी फ्लैटों की बुकिंग खुलने के महज दो घंटे के भीतर 2500 से अधिक फ्लैट बुक हो गए। कुछ दिन पहले भी ऐसा ही हुआ था। आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि मौजूदा वित्त वर्ष में करीब सात हजार फ्लैट बिक चुके हैं जबकि लगभग 30 हजार अभी भी शेष हैं।
वास्तविक लागत का आकलन जरूरी
इस योजना में फ्लैटों की शुरुआती कीमत करीब 14.95 लाख रुपये रखी गई। लगभग 49.90 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले इन फ्लैटों के लिए यह कीमत उन परिवारों को आकर्षित कर सकती है, जिनके लिए दिल्ली में अपना घर खरीदना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। हालांकि, रखरखाव, पानी के कनेक्शन और अन्य लागू शुल्कों को जोड़कर वास्तविक लागत का आकलन करना भी जरूरी होगा।
यूईआर-2 ने बदली पहुंच की तस्वीर
नरेला की पुरानी समस्या केवल दूरी नहीं, बल्कि दिल्ली के दूसरे हिस्सों से सुविधाजनक संपर्क का अभाव भी रही है। इस कारण नौकरीपेशा लोगों और परिवारों के लिए यहां बसने का निर्णय लेना आसान नहीं था।
अगस्त 2025 में शहरी विस्तार मार्ग-दो (यूईआर-2) के शुरू होने से दिल्ली के बाहरी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन के विकल्प बेहतर हुए हैं। यह मार्ग राजधानी को जाम से राहत देने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क सुधारने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
एजुकेशन हब बनने की संभावना
डीडीए नरेला को केवल आवासीय क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्थानों और खेल सुविधाओं के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। यहां शैक्षणिक संस्थानों के लिए जमीन आवंटित की गई है। प्रस्तावित मेट्रो संपर्क और खेल सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं भी क्षेत्र के भविष्य की उम्मीद बढ़ाती हैं।
डेढ़ दशक में बदलीं परिस्थितियां, चुनौतियां नहीं
बीते डेढ़ दशक में दिल्ली का विस्तार हुआ है। रोहिणी और द्वारका जैसे क्षेत्रों के विकास से यह स्पष्ट हुआ है कि सुनियोजित आवासीय क्षेत्र समय के साथ अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
नरेला में भी बड़ी संख्या में डीडीए फ्लैट और विकास की संभावनाएं मौजूद हैं। हालांकि पानी, बिजली, सुरक्षा, साफ-सफाई, सार्वजनिक परिवहन, बाजार और दैनिक जरूरतों की सुविधाएं भी उतनी ही जरूरी हैं।
दिल्ली को भी मिलेगी राहत
दिल्ली को भीड़भाड़ और यातायात के दबाव से राहत दिलाने के लिए नरेला, रोहिणी और द्वारका जैसे नियोजित क्षेत्रों में अधिक बसावट जरूरी है।
यदि रोजगार, परिवहन और नागरिक सुविधाओं के साथ इन क्षेत्रों का विकास होता है, तो आबादी का दबाव केंद्रीय और पुराने दिल्ली के इलाकों से बाहर बांटा जा सकता है।
नरेला में इस बार मिली प्रतिक्रिया डीडीए के लिए अवसर है कि वह छूट आधारित बिक्री से आगे बढ़कर ऐसी सुविधाएं विकसित करे, जिनसे लोग यहां केवल सस्ता मकान खरीदने नहीं, बल्कि स्थायी रूप से रहने भी आएं।
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