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नमो भारत की टीम ने 500+ यात्रियों का सामान लौटाया, कई बिछड़ों को परिवार से मिलाया; लगेज खोने पर अपनाएं ये तरीका

Published: Wed, 02 Sep 2026 02:17 PM (IST)

नमो भारत ने एक साल में 500 से अधिक यात्रियों का खोया सामान लौटाया और कई बिछड़े हुए लोगों को ...और पढ़ें

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर पिछले एक साल में एनसीआरटीसी ने 500 से अधिक यात्रियों का खोया या छूटा सामान वापस लौटाया। प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर पिछले एक साल में एनसीआरटीसी ने 500 से अधिक यात्रियों का खोया या छूटा सामान वापस लौटाया। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. नमो भारत ने 500 से अधिक यात्रियों का खोया सामान लौटाया।

  2. बिछड़े बच्चों, बुजुर्गों और भटके यात्रियों को परिवार से मिलाया।

  3. आनंद विहार स्टेशन पर तीन नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचाया।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। नमो भारत सिर्फ यात्रियों को तेज सफर ही नहीं करा रहा, बल्कि सफर के दौरान उनके छूटे सामान और मुश्किल वक्त में भी सहारा बन रहा है। एनसीआरटीसी की टीम की भूमिका खोया सामान लौटाने तक सीमित नहीं है। पिछले एक साल में कर्मचारियों ने कई भटके हुए यात्रियों को उनके परिजनों से मिलाकर परिवार को बिखरने से बचाने का भी काम किया है। 

500 से अधिक यात्रियों की मदद की

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर पिछले एक साल में एनसीआरटीसी ने 500 से अधिक यात्रियों का खोया या छूटा सामान वापस लौटाया। इनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन, आईपैड, पर्स, नकदी, जरूरी दस्तावेज, ट्रॉली बैग, वाहन की चाबियां और कपड़े तक शामिल हैं। हर दिन एक लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही वाले इस कॉरिडोर पर एनसीआरटीसी की यह व्यवस्था यात्रियों के प्रति उसके ‘पैसेंजर फर्स्ट’ रवैये को दर्शाती है।

नमो भारत में खोया सामान कैसे पाएं?

यात्रियों का सामान मिलने के बाद उसे गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन स्थित लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर में जमा कराया जाता है। यात्री कस्टमर केयर सेंटर पर शिकायत दर्ज कराने के अलावा 08069651515 पर भी संपर्क कर सकते हैं। लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर में जमा सामान की सूची ‘नमो भारत कनेक्ट’ एप्प और एनसीआरटीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध रहती है। पहचान और जरूरी सत्यापन के बाद सामान उसके मालिक को सौंप दिया जाता है।

सिर्फ सामान नहीं, बिछड़े अपनों को भी मिलाया

एनसीआरटीसी की टीम की भूमिका खोया सामान लौटाने तक सीमित नहीं है। पिछले एक साल में कर्मचारियों ने कई यात्रियों को उनके परिजनों से मिलाया। दो बहनें गलती से गाजियाबाद के बजाय दुहाई स्टेशन उतर गईं तो टीम ने करीब एक घंटे में उन्हें पिता से मिला दिया।

दो बिछड़े बच्चों को परिजनों से मिलाया

  • गाजियाबाद में ट्रेन में चढ़ने के बाद परिजनों से बिछड़े बच्चे को अलग-अलग स्टेशन टीमों के समन्वय से सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया गया। मोदीनगर साउथ में ट्रेन में रह गई बच्ची और बेगमपुल पर गलत ट्रेन में चढ़े बच्चे को भी तत्काल कार्रवाई कर परिजनों से मिलाया गया।
  • मेरठ साउथ में पुलिस के सहयोग से एक युवती को परिवार से मिलाया गया, जबकि दुहाई स्टेशन पर भ्रमित अवस्था में मिले एक बुजुर्ग यात्री की भी टीम ने मदद की।

शोहदों से तीन लड़कियों की सुरक्षा की

  • सितंबर 2025 की एक घटना में आनंद विहार स्टेशन पर सीसीटीवी की रियल-टाइम निगरानी के दौरान तीन नाबालिग लड़कियां चार वयस्क पुरुषों के साथ परेशान नजर आईं। एनसीआरटीसी ने तत्काल सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस को सूचना दी। जांच में पता चला कि लड़कियां उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से लापता थीं। उन्हें सुरक्षित संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।

इस तरह नमो भारत की रफ्तार के साथ उसकी संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था भी यात्रियों के भरोसे को मजबूत कर रही है।

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