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नजफगढ़ LPG ब्लास्ट: 12 दिन में 4 सदस्यों ने तोड़ा दम, हादसे में बचे बच्चों के सिर से उठा मां-बाप का साया

Published: Mon, 19 Oct 2026 09:43 AM (IST)

पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ में 22 सितंबर को रसोई गैस सिलेंडर रिसाव से हुए विस्फोट में एक ही परिवार के ...और पढ़ें

नजफगढ़ एलपीजी सिलिंडर हादसा। AI जनरेटेड

नजफगढ़ एलपीजी सिलिंडर हादसा। AI जनरेटेड

HighLights

  1. नजफगढ़ में रसोई गैस सिलेंडर रिसाव से भीषण विस्फोट।

  2. एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत।

  3. दो मासूम बच्चे चमत्कारिक रूप से आग से बचे।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली में नजफगढ़ थाना क्षेत्र के राणाजी एन्क्लेव में 22 सितंबर की रात को रसोई गैस सिलिंडर में रिसाव के कारण हुए भीषण विस्फोट और आग ने एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।

12 दिनों के दर्दनाक दौर के दौरान परिवार के चार सदस्यों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे एक नवजात शिशु अनाथ हो गया और 4 साल की बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया।

बंद कमरे में गैस भरने से हुआ धमाका

पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, घटना की रात करीब 10:30 बजे बंद कमरे में घरेलू रसोई गैस के रिसाव के कारण ज्वलनशील गैस कमरे में फैल गया। कमरे में किसी भी अन्य वेंटिलेशन या रास्ते का न होना इस हादसे की तीव्रता और लपटों के तेजी से फैलने की मुख्य वजह बनी। किसी चिंगारी के संपर्क में आते ही गैस में जोरदार धमाका हो गया।

12 दिनों में चार मौतों से छाया मातम

हादसे में कुल 6 लोग झुलस गए थे, जिन्हें पहले आईजीआई अस्पताल और बाद में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान गंभीर रूप से झुलसे चार लोगों की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, सबसे पहले 28 सितंबर को रामजी लाल की बेटी मोनिका (29 वर्ष) की मौत हुई।इसके बाद 1 अक्टूबर को मोनिका के भाई केशव (25 वर्ष) ने दम तोड़ा। 3 अक्टूबर को केशव की पत्नी सोनम (24 वर्ष) की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। 4 अक्टूबर को रामजी लाल की पत्नी कमलेश (50 वर्ष) की भी सांसें थम गईं।

दो बच्चे हादसे में बच गए

इस भीषण हादसे में कमरे में दीवार के किनारे सो रहे दो मासूम बच्चे आग की सीधी लपटों से बच गए। पुलिस के मुताबिक, दीवार के पास सोने की स्थिति ने उन्हें लपटों के सीधे प्रभाव से बचा लिया। मामूली चोटों के इलाज के बाद दोनों बच्चे सुरक्षित हैं।

नजफगढ़ पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 (आग या ज्वलनशील पदार्थ के मामले में लापरवाही) और धारा 106(1) (लापरवाही से मौत) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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