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यमुनानगर LPG ब्लास्ट: एक से दूसरे सिलिंडर में गैस भर रहा था मजदूर, बगल में चूल्हा जलने से लगी भीषण आग; 11 लोग झुलसे

Published: Thu, 09 Apr 2026 07:50 PM (IST)Updated: Thu, 09 Apr 2026 07:59 PM (IST)

यमुनानगर के भेड़थल गांव में सिलेंडर से गैस रिफिल करते समय गैस लीक होने से आग लग गई। इस हादसे ...और पढ़ें

HighLights

  1. सिलेंडर रिफिलिंग के दौरान गैस लीक से लगी आग।

  2. सात बच्चों सहित 11 लोग गंभीर रूप से झुलसे।

  3. धमाके से क्वार्टर की दीवार ढही, दो माह की बच्ची घायल।

जागरण संवाददाता, यमुनानगर। गांव भेड़थल में लेबर क्वार्टरों में वीरवार सुबह आठ बजे एक सिलिंडर से दूसरे सिलिंडर में गैस रिफिल करते समय आग लग गई। आग तेजी से फैली। दो क्वार्टरों को चपेट में ले लिया। जिसमें दो माह की बच्ची व छह बच्चों सहित 11 लोग झुलस गए।

जोरदार धमाका हुआ। जिससे लेंटर के साथ-साथ दीवारों में दरार आ गई। बीच की एक दीवार भी ढह गई। क्वार्टर का दरवाजा भी टूटकर गिर गया। जिससे आग की लपटे बाहर तक आई और बच्चों को चपेट में लिया। आग में झुलसे घायलों को अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां से 10 को पीजीआइ चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया।

एक से दूसरे सिलिंडर में गैस रिफिल कर रहा था

गांव भेड़थल में प्लाईवुड फैक्ट्री में कार्य करने वाले श्रमिकों के क्वार्टर बने हुए हैं। यहां रहने वाले श्रमिक अलग-अलग फैक्ट्रियों में कार्य करते हैं। इन क्वार्टरों में बिहार के ही लोग रह रहे हैं।

यहीं पर दो क्वार्टरों में बिहार के जिला मधुबनी के गांव चंदरहेडी निवासी 40 वर्षीय रामशरण व 44 वर्षीय रामज्ञान रहते हैं। वीरवार को रामशरण अपने कमरे में सिलिंडर से दूसरे सिलिंडर में गैस रिफिल कर रहा था।

इसी दौरान गैस लीक हो गई। वह क्वार्टर में फैल गई। उसके क्वार्टर के बाहर ही दूसरे श्रमिक चूल्हे पर खाना बना रहे थे। जिससे आग लगी। आग इतनी तेजी से भड़की की संभलने का मौका नहीं मिला। रामशरण आग की चपेट में आकर झुलस गया। वह तेजी से बाहर भागा।

इसी दौरान बाहर खेल रहे बच्चे भी आग की चपेट में आ गई। थोड़ी ही देर में आग ने पूरा क्वार्टर चपेट में ले लिया और जोरदार धमाका हुआ। जिसके साथ क्वार्टर की दीवार ढह गई। दूसरे क्वार्टर में भी आग पहुंच गई और बच्चे व लोग चपेट में आ गए।

आग से ये झुलसे

आग लगने से रामशरण, रामज्ञान, 40 वर्षीय रेणू व उसकी बेटी आठ वर्षीय शांति, गजेंद्र की बेटी पांच वर्षीय सुभानी, दस वर्षीय वैष्णवी और दो माह की सिमरन उर्फ पारो, 20 वर्षीय संगीता, आठ वर्षीय नेहा, छह वर्ष की वियांशी झुलसे।

जबकि सात वर्षीय अंशु को भगदड़ में गिरने से सिर में चोट लगी। अंशु का इलाज उप नागरिक अस्पताल जगाधरी में चल रहा है। जबकि अन्य को पीजीआइ के लिए रेफर कर दिया गया। इनमें रामशरण की पत्नी संगीता दो माह की गर्भवती है।

जब आग लगी। वह क्वार्टर में ही थी। गजेंद्र के तीन बच्चे डायल 112 की टीम भी तुरंत पहुंच गई। एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही पुलिसकर्मी डायल 112 की गाड़ी में झुलसे बच्चों को लेकर अस्पताल में पहुंचे।

बाहर चूल्हे पर बना रहे थे खाना

प्रत्यक्षदर्शी ज्योति ने बताया कि सुबह के समय क्वार्टरों में बच्चे ही थे। अधिकतर क्वार्टरों से पुरुष काम पर चले गए थे। सुबह क्वार्टरों के बाहर ही सभी अलग-अलग चूल्हे पर खाना बना रहे थे। तभी अचानक से एक क्वार्टर में आग लग गई।

कुछ समझ नहीं आया। जब तक वहां से दौड़ते। बच्चे भी झुलस चुके थे। चीख पुकार मच गई। वहीं आग में झुलसे रामशरण ने बताया कि सिलिंडर में गैस लीक हो गई थी। पास में चूल्हे पर खाना बन रहा था। जिससे आग लगी।

अवैध है बड़े से छोटे सिलिंडर में रिफिल करना

अक्सर दुकानदार लाभ कमाने के लालच में बड़े सिलिंडर से छोटे सिलिंडर में अवैध रूप से गैस रिफिल करते हैं। इस समय गैस सिलिंडर को लेकर मारामारी के बीच छोटे सिलिंडर में गैस रिफिल का कार्य जोर पकड़ रहा है। यह खतरनाक है।

यदि सिलिंडर को क्षमता से अधिक भर दिया जाए तो तापमान बढ़ने पर गैस फैलती और धमाके का खतरा बन जाता है। रिफिल के लिए इस्तेमाल होने वाला एडाप्टर या लोकल किट अक्सर सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसमें रिसाव की संभावना अधिक रहती है।

जिससे गैस का रिसाव होकर आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। बार-बार अवैध रिफिलिंग और अधिक दबाव से सिलिंडर की धातु कमजोर हो जाती है। जिससे लीकेज की संभावना बढ़ जाती है।

सिलिंडर की लीकेज से लगी आग

थाना सदर जगाधरी प्रभारी तरसेम सिंह का कहना है कि सिलिंडर में गैस पलटते समय हादसा हुआ है। मौके से दो सिलिंडर भी मिले हैं। झुलसे लोगों को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। अभी तक की जांच में यही सामने आया है कि गैस लीकेज से आग लगी है। सिलिंडर फटने की बात सामने नहीं आई है।