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दिल्ली में MCD का ताबड़तोड़ एक्शन, एक दिन में 79 संपत्ति सील; 12 अवैध निर्माण गिराए

Published: Sat, 06 Jun 2026 10:27 PM (IST)

एमसीडी ने दिल्ली में अवैध निर्माण और संपत्ति के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एक ही दिन में ...और पढ़ें

एमसीडी ने दिल्ली में अवैध निर्माण और संपत्ति के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।

एमसीडी ने दिल्ली में अवैध निर्माण और संपत्ति के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।

HighLights

  1. MCD ने 79 संपत्तियों को सील किया, 12 निर्माण गिराए।

  2. महिपालपुर में 19 अवैध होटल, 3 रेस्तरां सील किए गए।

  3. दिल्ली सरकार अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सैदुलाजाब और हौजरानी की घटना के चलते एमसीडी का शुरू हुआ अवैध निर्माण और संपत्ति के दुरुपयोग के मामले में एक्शन तेज हो गया है। एमसीडी ने शनिवार को ही 12 अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई की जबकि 79 संपत्तियों को सील कर दिया है। सबसे बड़ी कार्रवाई एमसीडी की नजफगढ़ जोन में हुई है।

जहां पर एयरपोर्ट के पास मौजूद महिपालपुर में 19 के बेड एंड ब्रेकफास्ट की आड में चल रहे अवैध होटलों लाइसेंस के नियमों के उल्लंघन पर सील किया है जबकि तीन अवैध रेस्तरां को संपत्ति के दुरुपयोग पर सील किया है। इसमें डालफिन इंटरनेशनल, हनुवंत, एरोफ्लाई, पोर्टव्यू, एनेक्सी बीएंडबी, बीकानेर रेस्त्रां, केजीएन बिरयानी प्वाइंट जैसी संपत्तियां शामिल हैं।

निगम के अनुसार अब तक यह सबसे बड़ी कार्रवाई उपराज्यपाल तरनजीत संधू और सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद हो रही है। निगम ने एक जून से लेकर अब तक 97 अवैध निर्माण गिरा दिए हैं और 137 संपत्तियां सील कर दी है। घटना जिस दक्षिणी जोन में हुई वहां पर भी एसमीडी के शनिवार को सैदुलाज़ाब, हौज रानी, खिड़की एक्सटेंशन, सावित्री नगर, खानपुर और गौतम नगर 18 संपत्तियों पर सीलिंग और तीन संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की है।

एमसीडी के अनुसार नियमों को तोड़ने वाले बिल्डरों और मालिकों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। ताकि उन्हें मास्टर प्लान-2021, यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लाज़-2016 और डीएमसी एक्ट-1957 में बताए गए निर्माण और प्रापर्टी के इस्तेमाल से जुड़े नियमों के महत्व के बारे में समझाया जा सके।

एमसीडी ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी संपत्ति खरीद करने से पहले निगम के जोनल कार्यालय में जाकर पता कर लें कि जो वह संपत्ति खरीद रहे हैं वह संपत्ति बुक तो नहीं है और नियमों के उल्लंघन से तो नहीं बनाई गई है। ताकि बाद में जब निगम की कार्रवाई हो तो लोगों को नुकसान न हो।

अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश की व्यवस्था बना रही है सरकारः रेखा गुप्ता

दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण में हो रही कार्रवाई को लेकर जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्य होने की बात कही है। वहीं, सीएम ने अपने जारी एक बयान में कहा है कि सरकार केवल कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि एक ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित कर रही है जिससे भविष्य में ऐसे खतरनाक और अवैध निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार भवनों को लेकर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे भवनों, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए, जहां बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।

बीमा कंपनियां भी सभी सुरक्षा और अन्य नियमों के पालन पर यह बीमा देती हैं। इसलिए इसे सुनिश्चित कराया जाएगा। इससे भवन स्वामियों पर सुरक्षा नियमों के अनुपालन का अतिरिक्त दबाव बनेगा और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सीएम ने दमकल विभाग की रेस्पांस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली विकसित करने के लिए भी कहा है। इसके साथ ही डीडीए की भूमि पर मंजूर किए गए नक्शों से इतर निर्माण पाए जाने पर वास्तुकार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।

124 स्थलों का विशेष टीम ने किया निरीक्षण कर की कार्रवाई

दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने विभिन्न जिलों में कुल 124 स्थलों का निरीक्षण किया। विभाग के अनुसार उत्तर जिले में 10 स्थलों के निरीक्षण के बाद उल्लंघनकर्ताओं को नोटिस जारी किए गए। पूर्वी जिले में 10, पश्चिम जिले में 21, दक्षिण-पश्चिम जिले में 13 तथा मध्य जिला (उत्तर) में 10 स्थलों के निरीक्षण के बाद भी नोटिस जारी किए गए। दक्षिण जिले में 30 स्थलों के निरीक्षण के दौरान 11 परिसरों को सील किया गया तथा 19 मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

बाहरी उत्तर जिले में भवन उपनियमों के उल्लंघन के कारण तीन अनधिकृत भवन ध्वस्त किए गए। नई दिल्ली जिले में सीलिंग नोटिस जारी किए गए, जबकि मध्य जिले में क्लोजर नोटिस जारी किए गए। पुरानी दिल्ली जिले में अग्निशमन विभाग का एनओसी उपलब्ध पाया गया, लेकिन भवन स्वीकृति योजना नहीं मिलने पर मामला आवश्यक कार्रवाई के लिए एमसीडी को भेजा है। दक्षिण-पूर्व जिले में निरीक्षण के दौरान कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।

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