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MCD सदन की विशेष बैठक: 'खुले में कूड़ा फेंकने पर लगे 10000 रुपये जुर्माना', पार्षदों ने दिए कई अहम सुझाव

Published: Fri, 02 Oct 2026 02:39 PM (IST)

दिल्ली नगर निगम सदन की विशेष बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन उप नियम-2026 पर चर्चा हुई। पार्षदों ने जनता की ...और पढ़ें

एमसीडी सदन की विशेष बैठक। जागरण

एमसीडी सदन की विशेष बैठक। जागरण

HighLights

  1. कचरा संग्रहण, परिवहन और निस्तारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर।

  2. खुले में कचरा फेंकने पर 10,000 रुपये तक जुर्माना लगाने का सुझाव।

  3. गीले-सूखे कचरे के लिए अलग रिक्शे, बल्क वेस्ट जनरेटर पर फोकस।

निहाल सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली में निगम सदन में शुक्रवार को ठोस कचरा प्रबंधन उप नियम-2026 को लेकर विशेष बैठक हुई। बैठक में मुख्य अभियंता अजय अग्रवाल ने उप नियमों के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।

वहीं, चर्चा में भाग लेते हुए पार्षदों ने कचरा संग्रहण से लेकर परिवहन और निस्तारण तक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ जनता की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाए

भाजपा पार्षद योगिता सिंह ने कहा कि एआई और तकनीक की मदद से यह तय किया जा सकता है कि किस कॉलोनी में किस तरह की कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाए।

उन्होंने कहा कि कई कॉलोनियों में लोग घर से गीला और सूखा कचरा अलग करके देते हैं, लेकिन संग्रहण के दौरान दोनों को मिला दिया जाता है। निजी एजेंसियों के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण देने की जरूरत है।

कचरा फैलने की समस्या कम होगी

उन्होंने अलग-अलग कचरे के लिए अलग खानों वाले विशेष रिक्शे तैयार करने का सुझाव दिया। इससे संकरी गलियों और बहुमंजिला इमारतों से कचरा संग्रहण के दौरान कचरा फैलने की समस्या कम होगी।

भाजपा पार्षद धर्मवीर शर्मा ने कहा कि हर वार्ड में ऐसे चिन्हित स्थान हैं, जहां लोग रात में सब्जियों के छिलके, बचा हुआ खाना और रोटियां डाल देते हैं। सफाई के बाद भी लोग दोबारा वहां कचरा डाल देते हैं।

फोटो के आधार पर भी कार्रवाई

उन्होंने ऐसे स्थानों पर बंद कैबिनेट या कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था करने और खुले में कचरा डालने वालों पर जुर्माना बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि 200 रुपये के बजाय 10 हजार रुपये तक जुर्माना किया जाना चाहिए और फोटो के आधार पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

भाजपा पार्षद मनीषा सिंह ने कहा कि कचरा संग्रहण और परिवहन के दौरान ही सेग्रीगेशन खत्म हो जाता है। घर से अलग-अलग उठाया गया कचरा आगे एक साथ मिला दिया जाता है। इसलिए लोगों को जागरूक करने से पहले संग्रहण और परिवहन की व्यवस्था को सुधारना होगा।

छोटे वाहनों की व्यवस्था जरूरी

उन्होंने कहा कि घनी आबादी और संकरी गलियों के लिए छोटे वाहनों की व्यवस्था जरूरी है। गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के साथ घरेलू खतरनाक कचरे को भी वैज्ञानिक तरीके से अलग करने की व्यवस्था होनी चाहिए।

डेम्स चेयरमैन संदीप कपूर ने कहा कि कचरा प्रबंधन में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। बाजारों में दुकानदारों द्वारा सड़कों पर कचरा डालने की प्रवृत्ति पर रोक लगानी होगी और ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करना होगा।

13 हजार टन कचरा वार्डों से एकत्र

उन्होंने कहा कि रोजाना करीब 13 हजार टन कचरा वार्डों से एकत्र किया जा रहा है। कचरे की मात्रा कम करने के लिए बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान कर उनके स्तर पर ही निस्तारण सुनिश्चित करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष कम से कम 3000 बल्क वेस्ट जनरेटर के कचरे को स्थानीय स्तर पर कंपोस्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे कचरे की मात्रा के साथ उसके परिवहन पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

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