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MCD का बड़ा फैसला: 120 करोड़ का बजट पास, दिल्ली के इन 3 अस्पतालों में सस्ती होगी CT स्कैन-MRI की जांच

Published: Wed, 21 Oct 2026 10:14 AM (IST)

एमसीडी के तीन प्रमुख अस्पतालों में अब सीटी स्कैन और एमआरआई जांच सीजीएचएस दरों से 20% कम पर उपलब्ध होंगी। यह परियोजना पीपीपी मॉडल के तहत लागू होगी।

एमसीडी अस्पतालों में सस्ती सीटी स्कैन जांच (AI-Generated image)

एमसीडी अस्पतालों में सस्ती सीटी स्कैन जांच (AI-Generated image)

HighLights

  1. तीन एमसीडी अस्पतालों में सीटी/एमआरआई जांच की सुविधा।

  2. सीजीएचएस दरों से 20% कम पर मिलेंगी ये जांचें।

  3. पीपीपी मॉडल से निजी एजेंसी करेगी 120 करोड़ का निवेश।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के तीन प्रमुख अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई जांच की दरें केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की निर्धारित दरों से 20 प्रतिशत कम होंगी। एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है।

इसके तहत हिंदूराव अस्पताल, स्वामी दयानंद अस्पताल और राजन बाबू इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन एंड ट्यूबरकुलोसिस (आरबीटीबी) में अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

सत्या शर्मा ने कहा कि निगम का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को किफायती दरों पर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इन अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का विस्तार होने से मरीजों को कम खर्च में आवश्यक जांच कराने की सुविधा मिलेगी।

120 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान

उन्होंने बताया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माडल के तहत लागू किया जाएगा। दस वर्ष की रियायत अवधि में इस पर लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें करीब 40 करोड़ रुपये मशीनों की स्थापना और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर पूंजीगत निवेश के रूप में खर्च होंगे, जबकि लगभग 80 करोड़ रुपये परिचालन खर्च के लिए निर्धारित हैं।

पूरी राशि अनुबंधित निजी एजेंसी वहन करेगी। एमसीडी की ओर से निर्धारित स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि उनका स्वामित्व निगम के पास ही रहेगा। स्थायी समिति अध्यक्षा ने बताया एमसीडी नागरिकों को बेहतर, आधुनिक और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस परियोजना से मरीजों को कम कीमत पर आधुनिक जांच सुविधाएं मिलेंगी और निगम के स्वास्थ्य सेवा ढांचे को मजबूती मिलेगी।

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