दिल्ली के PG में कौन रह रहा? अब DU रखेगा डिजिटल रिकाॅर्ड; खाली पड़े सरकारी क्वार्टर बनेंगे हॉस्टल
दिल्ली विश्वविद्यालय अब निजी पीजी में रहने वाले छात्रों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगा, जिसके लिए एक समर्पित पोर्टल विकसित ...और पढ़ें

दिल्ली यूनिवर्सिटी रखेगी पीजी में रहने वाले छात्रों का रिकॉर्ड। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) अब निजी पीजी में रहने वाले छात्रों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगा। इसके लिए समर्पित पोर्टल विकसित करने की योजना है, जिस पर छात्र अपने आवास, किराये और रहने संबंधी जरूरतों का विवरण दर्ज कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की है। डीयू की आठ सदस्यीय समिति की बैठक में पोर्टल विकसित करने पर चर्चा हुई।
दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी की अध्यक्षता में हुई बैठक के कार्यवृत्त के अनुसार, पोर्टल के जरिये छात्रों के आवास संबंधी विवरण एक जगह उपलब्ध होंगे।
इससे विश्वविद्यालय को नगर निगम और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय करने में मदद मिलेगी। पीजी संचालकों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार करने और सुरक्षित आवास के मानक निर्धारित करने की भी योजना है।
समिति को एक महीने के भीतर सिफारिशें और एमओयू का मसौदा सौंपना है। इसमें पीजी भवनों की वैधानिक मंजूरियों और सुरक्षा संबंधी स्वीकृतियों की जांच भी शामिल होगी।
फिलहाल विश्वविद्यालय के पास अपने छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों का ब्योरा है, लेकिन निजी पीजी में रहने वाले छात्रों का व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
खाली कर्मचारी आवासों में भी रहेंगे छात्र
आवास की कमी दूर करने के लिए रीड्स लाइन और ढाका परिसर में पिछले पांच वर्षों से खाली पड़े करीब 65 टाइप-एक कर्मचारी आवासों को छात्रावास में बदलने का सुझाव दिया गया है।
विभिन्न राज्यों से दिल्ली आने वाले विद्यार्थियों के लिए राज्य भवनों में आवास उपलब्ध कराने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
डीयू के पोस्टग्रेजुएट पुरुष छात्रावास के प्रमुख प्रो. केपी सिंह के अनुसार, ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए आवंटित छह खाली फ्लैटों का नवीनीकरण कर करीब 25 छात्रों के रहने की व्यवस्था की गई है। इन छात्रों को एक नवंबर से आवास आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
दिल्ली में पीजी की स्थिति
- नगर निगम ने दिल्ली में 2,453 पीजी आवासों की पहचान की है।
- चिह्नित पीजी में कुल 32,247 कमरों की संख्या।
- इन पीजी में रहने वालों की संख्या 50,529 है।
- नगर निगम को केवल 730 भवनों के नक्शे मिल सके या सत्यापित हो पाए।
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