DDA और NDMC पार्कों में खिलेंगे ट्यूलिप, MCD से दूरी; हॉलैंड से आयात करने की तैयारी
राजधानी में इस वर्ष भी एनडीएमसी और डीडीए के पार्कों में ट्यूलिप देखने को मिलेंगे। वहीं एमसीडी के पार्क लगातार दूसरे वर्ष इनसे अछूते रहने वाले हैं।

दिल्ली के एनडीएमसी और डीडीए पार्कों में नजर आएंगे ट्यूलिप, जागरण आर्काइव।
HighLights
NDMC और DDA पार्कों में इस साल भी ट्यूलिप दिखेंगे।
MCD पार्क लगातार दूसरे वर्ष ट्यूलिप से वंचित रहेंगे।
हॉलैंड से लाखों ट्यूलिप बल्ब आयात किए जा रहे हैं।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में इस वर्ष भी ट्यूलिप केवल एनडीएमसी और डीडीए के पार्कों में नजर आएंगे। जबकि एमसीडी के पार्क लगातार दूसरे वर्ष इससे अछूते रहेंगे।
एमसीडी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इन ट्यूलिप को देखने के लिए यहां तो लुटियंस दिल्ली आना पड़ेगा या फिर डीडीए के पार्कों का रुख करना पड़ेगा।
हॉलैंड से आयात होगा ट्यूलिप
दिसंबर में लगाए जाने वाले इन ट्यूलिप बल्ब के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने हॉलैंड से आयात करने के लिए आर्डर दे दिया है। इसमें तीन लाख एनडीएमसी स्वयं अपने पार्कों और प्रमुख मार्गों के लिए मंगा रहा है। जबकि डीडीए के पार्कों और अन्य प्रमुख स्थलों के लिए 1.67 लाख ट्यूलिप आयात करने का आर्डर एनडीएमसी ने दे दिया है।
पार्कों में रखना काफी चुनौतीपूर्ण
एमसीडी के अधिकारियों के अनुसार उनके पार्कों में इनका रखरखाव काफी चुनौतीपूर्ण हैं। क्योंकि 2024 में 25 हजार ट्यूलिप बल्ब लगाए थे। लेकिन देखने में आया था कि असमाजिक तत्वों ने इन्हें पहले ही तोड़ लिया था। इस अनुभव के बाद एमसीडी ने पिछले वर्ष भी ट्यूलिप के बल्ब नहीं मंगाए थे।
अब इस बार भी निगम ने इससे दूरी बनाए रखी है। ऐसे में एमसीडी के पार्कों में ट्यूलिप लगाने की योजना पर लगातार दूसरे वर्ष विराम लगा रहेगा। जबकि यह ट्यूलिप जनवरी के आखिर से लेकर मार्च की शुरुआत तक खिलते हैं।
एनडीएमसी ने शुरू की तैयारी
दूसरी ओर, एनडीएमसी ने ट्यूलिप लगाने के लिए पार्कों में क्यारियां तैयार करने का कार्य जल्द शुरू होगा। फिलहाल पुराने सदाबाहर फूलों के पौधों को हटाकर एनडीएमसी इन्हें प्रमुख मार्गों, पार्कों, गोलचक्कर पर रोपित करता है।दिसंबर के मध्य में इन ट्यूलिप बल्ब को लगाया जाता है। जो कि जनवरी के आखिर में खिलने लगते है।
