MCD कर्मचारियों का अब ऑनलाइन बनेगा हेल्थ कार्ड, आश्रितों का होगा सत्यापन; 4 स्टेप में पूरी होगी प्रक्रिया
दिल्ली नगर निगम ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य कार्ड बनाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। इस नई ...और पढ़ें

दिल्ली नगर निगम कार्यालय। फोटो-जागरण आर्काइव
HighLights
एमसीडी कर्मचारियों के हेल्थ कार्ड अब ऑनलाइन बनेंगे।
आश्रित परिवार के सदस्यों का सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
चार स्तरों पर जांच के बाद डिजिटल कार्ड जारी होगा।
निहाल सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के नियमित कर्मचारियों के स्वास्थ्य कार्ड बनाने की प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी। इसके लिए कर्मचारियों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्यों का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है।
निगम के अस्पताल प्रशासन विभाग ने इस संबंध में नई प्रक्रिया निर्धारित करते हुए आदेश जारी किया है। इसके तहत कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (एमसीडीईएचएस) का डिजिटल कार्ड बनाने के लिए चार स्तरों पर जांच और मंजूरी की व्यवस्था की गई है।
चार चरणों के बाद बनेगा हेल्थ कार्ड
इसके लिए एमसीडी अपनी ही वेबसाइट https://mcdonline.nic.in/portal पर लिंक जारी करेगा। नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले संबंधित विभाग का एस्टेब्लिशमेंट क्लर्क या बिलिंग क्लर्क (ईसी/बीसी) कर्मचारी के आवेदन और दस्तावेजों की जांच करेगा।
इसके बाद आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) दस्तावेजों का मिलान करने के साथ आश्रितों का सत्यापन करेंगे। तीसरे चरण में संबंधित मुख्य प्रशासनिक चिकित्सा अधिकारी (सीएएमओ) या उप निदेशक, अस्पताल प्रशासन आवेदन की जांच कर मंजूरी देंगे। इसके बाद मुख्यालय से डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा।
केंद्र सरकार की तर्ज पर हेल्थ स्कीम की घोषणा
उल्लेखनीय है कि एमसीडी ने केंद्र सरकार की तर्ज पर हेल्थ स्कीम की घोषणा की थी। इसके तहत एमसीडी से पैनलबद्ध अस्पतालों में इलाज मिलेगा। जबकि पूर्व की व्यवस्था में रेफरल सिस्टम लागू था। अब हेल्थ कार्ड के आधार पर इलाज मिल सकेेगा।
हेल्थ कार्ड के लिए देना होगा आधार और आय प्रमाण
कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र, ज्वाइनिंग आदेश, पहचान पत्र, आधार कार्ड, सैलरी स्लिप और हालिया फोटो जमा करनी होगी। वहीं, प्रत्येक आश्रित का आधार कार्ड, फोटो और कर्मचारी के साथ निवास का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। 18 वर्ष से अधिक आयु के आश्रितों के लिए आय प्रमाण भी देना होगा।
इसके लिए पैन कार्ड, आयकर रिटर्न, फार्म 26एएस या एसडीएम कार्यालय से जारी आय प्रमाण पत्र दिया जा सकता है। पढ़ाई कर रहे बच्चों के मामले में स्कूल या कालेज का प्रमाण पत्र अथवा फीस की रसीद भी मान्य होगी।
हर स्तर पर सात दिन की समय सीमा
निगम ने आवेदन के निपटारे के लिए प्रत्येक स्तर पर सात कार्य दिवस की समय सीमा तय की है। दस्तावेज पूरे मिलने के बाद ईसी/बीसी, डीडीओ और अनुमोदन अधिकारी को अपने-अपने स्तर पर सात कार्य दिवस में प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन लौटाने या खारिज करने का कारण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। कर्मचारी इसके खिलाफ 30 दिन के भीतर नोडल अधिकारी के समक्ष शिकायत कर सकेंगे।
हर साल देना होगा घोषणा पत्र
एमसीडी द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार योजना के तहत पति या पत्नी को आय सीमा से छूट रहेगी। बेटे को 25 वर्ष की आयु या विवाह, जो पहले हो, तक पात्र माना जाएगा। बेटी विवाह तक योजना में शामिल रह सकेगी। अन्य आश्रितों की मासिक आय नौ हजार रुपये और नौ हजार रुपये की मूल पेंशन पर मिलने वाली महंगाई राहत से कम होनी चाहिए।
आश्रित का कर्मचारी पर पूरी तरह निर्भर होना और सामान्य रूप से उसके साथ रहना भी जरूरी है। कर्मचारियों को प्रत्येक वर्ष 30 अप्रैल तक आश्रितों का नया घोषणा पत्र जमा करना होगा। किसी आश्रित की मृत्यु, विवाह, नौकरी लगने या आय सीमा से अधिक होने की स्थिति में 30 दिन के भीतर विभाग को सूचना देनी होगी। अपात्र आश्रित के उपचार पर खर्च हुई राशि ब्याज सहित कर्मचारी से वसूल की जाएगी।
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