भारत मंडपम में 15 नवंबर को होगी ‘महावीर निर्वाण कथा’, प्रस्तुत होंगे महावीर के जीवन के अंतिम प्रसंग
भारत मंडपम में 15 नवंबर को 'महावीर निर्वाण कथा मेरे महावीर 3.1' का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भगवान महावीर के जीवन-दर्शन और निर्वाणकालीन पावापुरी को जीवंत किया जाएगा।

महावीर निर्वाण कथा का आयोजन। फोटो-दैनिक जागरण
HighLights
15 नवंबर को भारत मंडपम में 'महावीर निर्वाण कथा' का आयोजन।
भगवान महावीर के निर्वाणकालीन पावापुरी और जीवन-दर्शन की प्रस्तुति।
अहिंसा, अनेकांत सिद्धांतों से मानव कल्याण व विश्व शांति का संदेश।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के बीच भारत मंडपम में इस बार व्यापार और प्रदर्शनी के साथ भगवान महावीर के जीवन-दर्शन और जैन धर्म की ऐतिहासिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी।
यहां 15 नवंबर को ‘महावीर निर्वाण कथा मेरे महावीर 3.1’ का आयोजन होगा। इसमें संगीत, संवाद, पात्रों और विशेष दृश्य संयोजन के माध्यम से भगवान महावीर के जीवन के अंतिम कालखंड और निर्वाणकालीन पावापुरी को जीवंत किया जाएगा। भगवान महावीर देशना फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस संगीतमय कथा का वाचन राजीव जैन सीए करेंगे।
ऐतिहासिक प्रसंगों से जोड़ने का प्रयास
इस प्रस्तुति का मुख्य आकर्षण वह पावापुरी होगा, जहां भगवान महावीर ने अपना अंतिम चातुर्मास किया, अंतिम देशना दी और कार्तिक अमावस्या की रात निर्वाण प्राप्त किया था। कथा के माध्यम से दर्शकों को उस समय के वातावरण और ऐतिहासिक प्रसंगों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इसमें भगवान महावीर के अंतिम चातुर्मास, अंतिम समवसरण, अंतिम देशना, निर्वाण और गौतम स्वामी के केवलज्ञान प्राप्त करने तक की यात्रा प्रस्तुत की जाएगी।
पात्रों के जरिए साकार होंगे ऐतिहासिक प्रसंग
कथा को केवल वाचन तक सीमित न रखते हुए इसमें विभिन्न पात्रों की भूमिका भी शामिल की गई है। पावापुरी के तत्कालीन राजा हस्तिपाल की भूमिका मनोज जैन (निगम पार्षद) निभाएंगे, जबकि कुंडग्राम के राजा नंदीवर्धन की भूमिका सुधीर जैन करेंगे। संगीत और दृश्य संयोजन के माध्यम से इन प्रसंगों को इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि दर्शक उस दौर को महसूस कर सकें।
कथा का समापन भव्य दीपोत्सव प्रस्तुति से होगा। इसके माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि भगवान महावीर का निर्वाण ज्ञान की ज्योति का अंत नहीं, बल्कि उसके अनंत विस्तार का आरंभ है। जैन आगम परंपरा में भगवान महावीर के शासन की निर्वाण के बाद भी 21 हजार वर्षों तक निरंतरता का उल्लेख मिलता है। इस प्रसंग को भी कथा में प्रमुखता दी जाएगी।
जन्म कल्याणक के बाद अब निर्वाण पर विशेष प्रस्तुति
इससे पहले 5 अप्रैल 2026 को भगवान महावीर के जन्म कल्याणक पर भारत मंडपम में ‘महावीर कथा मेरे महावीर 3.0’ का आयोजन हुआ था। उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए अब निर्वाण कल्याणक के अवसर पर इसका अगला संस्करण प्रस्तुत किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, कथा में अहिंसा, अनेकांत, अपरिग्रह, करुणा, आत्मसंयम और आत्मबोध जैसे सिद्धांतों को वर्तमान समय से जोड़कर मानव कल्याण और विश्व शांति का संदेश दिया जाएगा।
विभिन्न प्रसंगों को संगीतमय रूप
राजीव जैन सीए कथा-वाचन करेंगे। अभीषा जैन सूत्रधार और परियोजना की रचनात्मक निर्देशक हैं, जबकि प्रदीप जैन संगीत और गायन के माध्यम से कथा के विभिन्न प्रसंगों को संगीतमय रूप देंगे। इसकी निर्माता बीना जैन (संस्थापक, बीआरजे प्रोडक्शन) हैं। वर्ष जैन और मणिभद्र जैन सह-निर्माता के रूप में जुड़े हैं।
भगवान महावीर देशना फाउंडेशन की ओर से सुभाष ओसवाल जैन, सत्य भूषण जैन और अनिल कुमार जैन (सीए) ने बताया कि आयोजन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने में कई संस्थाओं और सहयोगियों का योगदान मिल रहा है।
फॉउंडेशन के रीजनल डायरेक्टर मनीष जैन, क्रिस्टी जैन और शुभम जैन अपनी टीम के साथ तैयारियों में जुटे हैं। आयोजन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी मनोज जैन (डायरेक्टर) और वर्ष जैन (रीजनल डायरेक्टर) संभाल रहे हैं।
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