'संपूर्ण सरकारी तंत्र' के तहत काम करेंगी दिल्ली की सभी एजेंसियां, एलजी संधू ने दिए निर्देश
एलजी तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली की सभी एजेंसियों को 'संपूर्ण सरकारी तंत्र' की तर्ज ...और पढ़ें

लोकनिवास में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक करते एलजी टीएस संधू। सौजन्य- लोकनिवास
HighLights
एलजी संधू ने 'संपूर्ण सरकारी तंत्र' दृष्टिकोण पर जोर दिया।
बंद पार्किंग स्थल सक्रिय होंगे, नरेला में कानून-व्यवस्था सुधरेगी।
पॉक्सो दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन, वेंडर सर्वे जल्द पूरा होगा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। एलजी तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में दिल्ली पुलिस, डीडीए, एमसीडी और दिल्ली अग्निशमन सेवा के बीच आपसी तालमेल मजबूत करने और समस्याओं का त्वरित समाधान निकालने का निर्णय लिया गया है।
एलजी ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग काम करने के बजाय सभी एजेंसियों को ''संपूर्ण सरकारी तंत्र'' के दृष्टिकोण से काम करना होगा, ताकि जमीनी स्तर पर त्वरित और संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले
बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों के तहत शहर भर में बंद या अप्रयुक्त पड़े पार्किंग स्थलों को तुरंत क्रियाशील बनाने पर सहमति बनी। साथ ही जमीन पर बढ़ते दबाव को घटाने के लिए मल्टी-लेवल (बहुस्तरीय) कार पार्किंग के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा तेजी से विकसित हो रहे नरेला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को अपनी गश्त व उपस्थिति बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, वहीं एमसीडी को वहां बुनियादी नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बैठक में रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एमसीडी को वेंडर सर्वे जल्द पूरा करने और ''टाउन वेंडिंग कमेटी'' का गठन करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अधिकृत वेंडिंग जोन तय कर अवैध अतिक्रमण पर लगाम लगाई जा सके।
पॉक्सो दिशानिर्देशों पर सख्ती
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाक्सो दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कराने और अधिकारियों, शिक्षकों व छात्रों के बीच संवाद मजबूत करने का फैसला हुआ है। इसके अलावा एमसीडी, डीडीए और दिल्ली पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जाने वाले अतिक्रमण रोधी अभियानों और शहर में आग से निपटने की तैयारियों (फायर सेफ्टी) पर भी विस्तृत समीक्षा की गई।
लोकनिवास में हुई इस बैठक में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव (गृह), दिल्ली पुलिस आयुक्त, दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रधान निदेशक, एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त और डीडीए के उपाध्यक्ष समेत कई शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
