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अब राष्ट्रीय राजनीति में दखल बढ़ाएंगे केजरीवाल, आबकारी घोटाले में राहत से बढ़ा AAP नेताओं का मनोबल

Published: Sun, 01 Mar 2026 09:28 PM (IST)

जंतर मंतर पर आप की रैली में संकेत मिले कि अरविंद केजरीवाल अब राष्ट्रीय राजनीति में दखल बढ़ाएंगे। पार्टी उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के मुकाबले सबसे उपयुक्त नेता मानती है।

आम आदमी पार्टी द्वारा जंतर मंतर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल। फोटो- चंद्र प्रकाश मिश्र

आम आदमी पार्टी द्वारा जंतर मंतर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल। फोटो- चंद्र प्रकाश मिश्र

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आप की जंतर मंतर पर रविवार को आयोजित रैली में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित आप के कई नेताओं ने इस बात के संकेत दिए कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अब देश की राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में दखल बढ़ाएंगे। आप का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टक्कर देने के लिए अरविंद केजरीवाल ही सबसे उपयुक्त नेता हैं।

आबकारी घोटाले मामले में महीनों तक जेल में रहने के बाद फरवरी 2025 में दिल्ली की सत्ता हाथ से चली जाने के बाद आप कार्यकर्ताओं में ही नहीं आप के वरिष्ठ नेताओं तक का मनोबल जिस तरह गिर गया था, शुक्रवार को इसी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया आदि को राहत मिलने पर इन नेताओं और कार्यकर्ताओं में मनोबल फिर से लौटता दिख रहा है।

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सिसोदिया ने केजरीवाल को बताया उपयुक्त प्रधानमंत्री उम्मीदवार

आप के रणनीतिकार केजरीवाल को दिल्ली, पंजाब, गुजरात, गोवा तक ही सीमित नहीं रखना चाहते हैं और इसी के तहत अब राजनीतिक माहौल तैयार करने के लिए योजना बनाने जा रहे हैं।

आप के वरिष्ठ नेता सिसोदिया ने रविवार को जंतर मंतर पर जिस तरह से केजरीवाल को भविष्य में देश की सत्ता में बैठाने को देशभक्ति कार्य बताया है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल में सभी विशेषज्ञाएं भी बताई हैं जो एक प्रधानमंत्री में होनी चाहिए। उन्होंने केजरीवाल को उपयुक्त प्रधानमंत्री बता कर यह साफ कर दिया है कि आप के मन में अब क्या चल रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर अपने बूते चुनाव लड़ेगी पार्टी

यहां गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के गठबंधन से अलग होकर आम आदमी पार्टी यह बात साफ कर चुकी है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर भी अपने बूते पर ही चुनाव लड़ेगी। राज्यों के अभी तक के हुए विधानसभा चुनाव में भी आप ने इस बात को और मजबूत किया है।

गुजरात, गोवा और जम्मू कश्मीर में पहले से बेहतर प्रदर्शन किया है। वही दिल्ली में हुए फरवरी 2025 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो आम आदमी पार्टी उनकी हार के लिए कहीं न कहीं कांग्रेस को भी जिम्मेदार मान रही है।

कांग्रेस ने इस चुनाव में 2020 की अपेक्षा करीब दो प्रतिशत अधिक मत काट लिए थे। हालांकि आप के लिए इस माहौल में अकेले ही राष्ट्रीय राजनीति में दखल बढ़ता आसान नहीं होगा। मगर आप को अब यही एक रास्ता आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त नजर आ रहा है।

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