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दिल्ली के प्रमुख रूटों पर 160 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, 34 स्टेशनों पर कवच और आधुनिक सिग्नलिंग की तैयारी

Published: Mon, 09 Feb 2026 09:10 PM (IST)

दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रेल मार्गों पर 160 किमी/घंटा की गति क्षमता बढ़ाने के लिए कवच प्रणाली और अत्याधुनिक सिग्नलिंग स्थापित ...और पढ़ें

कवच के साथ अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली से सुरक्षित होगी रेल यात्रा। फाइल फोटो

कवच के साथ अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली से सुरक्षित होगी रेल यात्रा। फाइल फोटो

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से हावड़ा रेल रूट पर गति क्षमता 160 किलोमीटर करने का काम चल रहा है। इन दोनों रूट पर गति क्षमता बढ़ाने के साथ ही सुरक्षित रेल परिचालन के लिए स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच स्थापित किया जा रहा है।

कवच तकनीक के साथ ही रेलवे स्टेशनों पर अत्याधुनिक सिग्नलिंग का प्रविधान किया जा रहा है। इसके लिए रेल मंत्रालय ने 421.41 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इससे दिल्ली मंडल के 21 और अंबाला मंडल के 13 रेलवे स्टेशनों पर नई इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी।

नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन सहित दिल्ली मंडल के कई स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली की सुविधा है। लेकिन कवच प्रणाली के लिए स्वीकृत रूट पर कई स्टेशनों पर अभी भी मैकेनिकल सिग्नलिंग से काम चल रहा है।

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दिल्ली मंडल के 21 स्टेशनों पर होगा काम

इन्हें भी इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दिल्ली मंडल के 21 स्टेशनों पर 292.24 करोड़ की लागत से यह काम किया जाएगा। वहीं, अंबाला मंडल 13 स्टेशनों पर इसके लिए 129.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दिल्ली-मुंबई रूट पर नई दिल्ली से पलवल तक दिल्ली मंडल में आता है।

पलवल तक की गई थी कवच की स्थापना

पिछले दिनों तुगलकाबाद से पलवल तक कवच स्थापित कर दी गई है। तुगलकाबाद से तिलक ब्रिज रेलखंड पर इसका काम चल रहा है। इसी तरह से दिल्ली से गाजियाबाद तक भी यह काम किया जाना है। इन दोनों रूट पर आने वाले सभी स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित होगी।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पारंपरिक मैकेनिकल इंटरलाकिंग के विपरीत इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिग्नल को नियंत्रित करने के लिए कंप्यूटर आधारित प्रणालियों का उपयोग करता है, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है।

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