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पूर्व थल सेनाध्यक्ष नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘Four Stars of Destiny’ लीक, FIR दर्ज

Published: Mon, 09 Feb 2026 07:54 PM (IST)Updated: Mon, 09 Feb 2026 09:40 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' की लीक हुई कॉपी ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने इंटरनेट मीडिया और विभिन्न समाचार मंचों पर चल रही उन खबरों का संज्ञान लिया है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि पूर्व थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे की आगामी पुस्तक 'फोर स्टार्स आफ डेस्टिनी' की अप्रकाशित कापी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इस पुस्तक के प्रकाशन के लिए अभी तक संबंधित अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी प्राप्त नहीं हुई है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

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फोटो क्रेडिट - PTI

पुस्तक की पीडीएफ काॅपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध

बता दें कि पिछले सप्ताह कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस अप्रकाशित किताब की काॅपी लोकसभा में लेकर पहुंचे थे। इसकी वजह से लोकसभा की कार्यवाही भी बाधित हुई थी। जांच के लिए स्पेशल सेल के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई गई है।

वरिष्ठ अधिकारी जांच कर गोपनीय रिपोर्ट पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा को सौंपेंगे, जिसके बाद उक्त रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि इसी शीर्षक वाली एक टाइप-सेट पुस्तक की पीडीएफ काॅपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध है।

अभी तक आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली

ऐसा प्रतीत होता है कि इसे 'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा तैयार किया गया है। इसके अलावा, कुछ आनलाइन मार्केटिंग प्लेटफार्म ने पुस्तक के कवर को इस तरह प्रदर्शित किया है जैसे कि यह बिक्री के लिए उपलब्ध हो। चूंकि यह मामला एक ऐसी पुस्तक के 'लीक' या 'नियम उल्लंघन' से जुड़ा है जिसे अभी तक आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में मामला दर्ज किया गया है।

स्पेशल सेल कर रही विस्तृत जांच

किताब के संवेदनशील सामग्री से जुड़े होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अप्रकाशित पांडुलिपि इंटरनेट पर कैसे पहुंची। पेंगुइन रैंडम हाउस और संबंधित प्लेटफाॅर्म से भी इस संबंध में जानकारी मांगी जा सकती है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और आधिकारिक गोपनीयता के नजरिए से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसलिए स्पेशल सेल इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि यह मामला कहां से उछला और इसके पीछे किसका हाथ है।

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