नवरात्र के सातवें दिन दिल्ली के मंदिरों में गूंजे मां के जयकारे, कालकाजी में पहुंचे लाखों श्रद्धालु
दक्षिणी दिल्ली के मंदिरों में नवरात्र के सातवें दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां मां कालरात्रि की पूजा की ...और पढ़ें

कालका जी मंदिर, जागरण आर्काइव।
HighLights
नवरात्र के सातवें दिन सुबह से मंदिरों में लगी रहीं भक्तों की कतारें।
कालकाजी मंदिर में सात दिन में 12 लाख श्रद्धालु पहुंचे।
छतरपुर मंदिर में भी एक लाख श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। माथे पर लाल चुनरी, हाथों में पूजा की थाली और जुबां पर मां के जयकारे। नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को दक्षिणी दिल्ली के मंदिरों में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा।
मां के दर्शन की आस में कोई परिवार के साथ पहुंचा तो कोई घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करता रहा। दिन चढ़ने के साथ ही भक्तों की भीड़ बढ़ती गई और देर शाम तक मंदिरों में रौनक बनी रही।
कालका जी मंदिर में भक्तों की कतार
कालका जी मंदिर के साथ अन्य माता रानी के मंदिरों में भी भक्तों ने सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की। इन्हें 'शुभंकरी' भी कहा जाता है क्योंकि यह हमेशा अपने भक्तों का कल्याण करती हैं और उनके सभी भय व संकट दूर करती हैं। इनको मां दुर्गा का सातवां और सबसे उग्र स्वरूप माना जाता है।
12 लाख श्रद्धालुओं ने किया दर्शन
मंदिर प्रबंधन सुधार समिति के महासचिव सिद्धार्थ भारद्वाज ने बताया कि कालकाजी मंदिर में नवरात्र के पहले सात दिनों में 12 लाख से अधिक श्रद्धालु मां के दर्शन कर चुके हैं। शनिवार को भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। देर शाम तक ही छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन किए। मंदिर परिसर में जयकारों के बीच भक्तों ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
छतरपुर मंदिर में भी उमड़ा आस्था का सैलाब
छतरपुर स्थित मां आद्या कात्यायनी मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। देर शाम तक करीब एक लाख भक्तों ने मां के दर्शन किए। मंदिरों में सजे फूलों, रोशनी और भक्ति से सराबोर माहौल ने नवरात्र की रौनक बढ़ा दी। श्रद्धालुओं के लिए मां के दर्शन का यह अवसर आस्था और उल्लास से भरा रहा।
