JNU में SOS की दीवार पर ‘फ्री उमर खालिद’ के जवाब में लिखा ‘नेवर डोंट फ्री’, एबीवीपी-वामपंथी छात्रों में टकराव
JNU परिसर में दीवारों पर लिखे विवादित नारों को लेकर छात्र संगठनों के बीच टकराव बढ़ गया है। 'फ्री उमर ...और पढ़ें
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एसओएस की दीवार पर पहले ‘फ्री उमर खालिद’ और ‘लांग लिव नक्सलबाड़ी’ जैसे नारे लिखे जाने के जवाब में दक्षिणपंथी छात्रों ने लिखा। फाइल फोटो
HighLights
JNU दीवारों पर विवादित नारों से बढ़ा टकराव।
'फ्री उमर खालिद' के जवाब में नए नारे लिखे गए।
ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों में मारपीट हुई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में दीवारों पर विवादित नारे लिखने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब छात्र संगठनों के बीच टकराव तक पहुंच गया है।
शनिवार को नारों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वामपंथी छात्र संगठनों के छात्रों के बीच मारपीट होने का मामला सामने आया।
वहीं, रविवार को परिसर की दीवारों पर नए नारे लिखे जाने और राजनीतिक तस्वीरें चस्पा किए जाने से विवाद और गहरा गया। विश्वविद्यालय प्रशासन मामले की पड़ताल कर रहा है। हालांकि, अब तक दीवारों पर नारे लिखने वालों की पहचान नहीं हो सकी है।
‘अखंड भारत’ और ‘स्टॉप लव जिहाद’ लिखा गया
परिसर के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (एसओएस) की दीवार पर पहले ‘फ्री उमर खालिद’ और ‘लांग लिव नक्सलबाड़ी’ जैसे नारे लिखे गए थे। रविवार को इसी दीवार पर उमर खालिद के नाम पर क्रास का निशान बनाकर उसके आगे ‘नेवर डोंट फ्री’ लिखा गया। इसके अलावा ‘अखंड भारत’, ‘स्टॉप लव जिहाद’ और ‘आल हैरासर्स विल बी टेकन डाउन’ जैसे संदेश भी सामने आए। स्कूल के व्याख्यान कक्ष संख्या 335 के दरवाजे के ऊपरी हिस्से पर ‘अखंड भारत’ लिखा गया है।
छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
विवाद के बीच छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में बर्खास्त प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम की कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ तस्वीरें भी दीवार पर चस्पा की गईं। इसके साथ ही एक छात्र संगठन के नाम के साथ छेड़छाड़ कर उसे विवादित रूप देने की बात भी सामने आई है। इन घटनाओं के बाद परिसर में छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
दीवारों को बदरंग करने से बचने की अपील
शनिवार को एबीवीपी ने वामपंथी छात्र संगठन के सदस्यों पर ‘फ्री उमर खालिद’ और ‘लांग लिव नक्सलबाड़ी’ जैसे नारे लिखने का आरोप लगाया था। एबीवीपी की ओर से आरोप लगाया गया कि वामपंथी छात्रों ने उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।
मामले की शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन से की गई है। प्रशासन की ओर से विवादित नारों को हटवाने की बात कही गई है। एक अधिकारी के अनुसार, छात्रों से विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने और दीवारों को बदरंग करने से बचने की अपील की गई है।
