JNU परिसर के दीवारों पर देश विरोधी नारे लिखने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, 'EXPEL' हो सकते हैं दोषी छात्र
जेएनयू प्रशासन परिसर में दीवारों पर लिखे गए देश विरोधी नारों के मामले में सख्त कार्रवाई करने की तैयारी की ...और पढ़ें
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, जागरण आर्काइव।
HighLights
जेएनयू में देश विरोधी नारे लिखने का मामला।
प्रशासन कर रहा छात्रों की पहचान, अनुशासनात्मक कार्रवाई।
दोषी पाए जाने पर छात्रों का निष्कासन भी संभव।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में विवादित नारे लिखे जाने के मामले में प्रशासन सख्त रुख अपना सकता है।
दीवारों पर उमर खालिद के समर्थन में देश विरोधी नारे लिखे जाने और अन्य विवादित नारों के सामने आने के बाद परिसर में तनाव का माहौल है।
नारे लिखने वाले छात्रों की पहचान करने का प्रयास
मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन नारे लिखने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी में जुटा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। परिसर में अलग-अलग स्थानों पर लिखे गए नारों के पीछे शामिल छात्रों की पहचान करने के प्रयास किए जा जा रहे हैं।
छात्रों का निष्कासन तक संभव
जांच में जिन छात्रों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामला पाए जाने पर संबंधित छात्रों के निष्कासन तक का कदम उठाए जाने की संभावना है। जेएनयू परिसर में दीवारों पर लिखे नारों के बाद छात्र संगठनों के बीच विवाद भी तेज हो गया है।
उमर खालिद के समर्थन में लिखे नारों के साथ ही अखंड भारत और अन्य मुद्दों से जुड़े नारों ने भी राजनीतिक और वैचारिक बहस को हवा दी है। परिसर में नारेबाजी को लेकर छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
वहीं वामपंथी दल और एबीवीपी के बीच रोजाना तवान की भी स्थिति बनी हुई है। बीती रात एबीवीपी और वाम दल के छात्रों के बीच लड़ाई भी देखने मिली है।
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