'मेरी मौत के जिम्मेदार गार्ड, पुलिस और... ', कमरे में बंद कर छोड़ा फायर एक्सटिंग्विशर; JNU में हिंसा के वीडियो वायरल
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हुई। एक छात्र प्रतीक भारद्वाज पर कमरे में बंद ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार देर रात छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हो गई। वामपंथी संगठनों पर आरोप है कि इस दौरान एक छात्र को कमरे में बंद कर उसके ऊपर फायर एक्सटिंग्विशर खोल दिया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
मेरी मौत के जिम्मेदार गार्ड, पुलिस और वामपंथी संगठन होंगे
इस हिंसक झड़प के कई वीडियो सामने आए हैं। इन्हीं में एक वीडियाे में बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज ने अपने ऊपर हुए हमले के बारे में बताया। वह वीडियो में बता रहे हैं कि वामपंथी छात्र ठंडे और चाकू लेकर बाहर घूम रहे हैं।
उन्होंने वीडियो में आरोप लगाया कि बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। उनकी जान को खतरा है। वह वाॅशरूम में छिपे हैं और 50 लोगों की भीड़ बाहर खड़ी है। उन्हें मारने के लिए दरवाजा तक तोड़ दिया गया।
उन्होंने बताया कि उनके ऊपर फायर एक्सटिंग्विशर खोल दिया गया, जिसकी वजह से उन्हें सांस नहीं आ रही है और वह मरने वाले हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरी मौत के जिम्मेदार गार्ड, पुलिस और वामपंथी संगठन होंगे। बताया गया कि आसपास मौजूद अन्य छात्रों ने उसे बाहर निकाला और एंबुलेंस बुलाने की मांग की।

JNU में मारपीट के दौरान बनाए गए वीडियो में क्या दिखा?
घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में JNU हॉस्टल की सीढ़ियों पर छात्र मुंह ढककर इधर-उधर भागते दिखाई दे रहे हैं।
- वीडियो में कथित तौर पर कुछ छात्र हाथों में डंडे, बर्तन और पत्थर लिए नजर आते हैं। कुछ लोग हमले की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं जबकि अन्य छात्र वीडियो बनाने को लेकर चिल्लाते सुनाई देते हैं।
- एक वीडियो में पत्थरबाजी होती दिखाई देती है और एक छात्र पत्थर फेंकने वालों को रिकॉर्ड करता नजर आता है। वह वीडियो में आरोप लगा रहा है कि वामपंथी छात्र हाथ में पत्थर लिए। इस दौरान एक छात्रा भी वीडियो में भागती हुई कैद होती है, जिसपर पत्थरबाजी करने का आरोप है।
- वहीं एक छात्रा की आवाज सुनाई देती है, जिसमें वह हमलावरों को चुनौती देती हुई सुनाई देती है- 'हिम्मत है इतनी'। आरोप यह भी लगाए गए हैं कि हमले के दौरान छात्राओं पर भी हमला किया गया और उनके मोबाइल फोन तक छीन लिए गए।
पैंट में हाथ डाले घूम रहे सिक्योरिटी गार्ड
हमले को लेकर एबीवीपी का आरोप
घायल छात्र और कुछ छात्र संगठनों ने आरोप लगाया है कि वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े लोग लाठी, पत्थर और कथित हथियार लेकर पहुंचे और आम छात्रों तथा ABVP कार्यकर्ताओं पर हमला किया।
घटना के दौरान SOS संदेश भी साझा किए गए, जिनमें दावा किया गया कि रात करीब 1:30 बजे 500-600 लोगों की भीड़ ने छात्रों को घेर लिया था और पुलिस को तुरंत बुलाने की अपील की गई।

आखिर क्यों हुई मारपीट?
बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय में कुलगुरु शांतिश्री डी. पंडित के कथित बयान को लेकर पहले से छात्र राजनीति गरम थी। छात्र संघ ने ‘समता जुलूस’ निकालकर कुलगुरु से इस्तीफे और जवाबदेही की मांग की थी, जबकि निष्कासित पदाधिकारियों का धरना भी जारी था। छात्र नेताओं का आरोप है कि कुलगुरु ने यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशन को लेकर एक वर्ग विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ गया।
इसी विवाद के बीच आरोप लगाया गया कि कुछ छात्र संगठनों ने स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज परिसर में ताला लगाने की कोशिश की, जिसका रीडिंग रूम में पढ़ रहे छात्रों ने विरोध किया।
विरोध के बाद दोनों पक्षों में बहस बढ़ी और देखते-देखते मामला मारपीट, पत्थरबाजी और हिंसा में बदल गया। वीडियो सामने आने के बाद JNU में छात्र सुरक्षा, प्रशासन की भूमिका और कैंपस राजनीति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
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